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विश्व कप में पाकिस्तान के निराशाजनक प्रदर्शन के कारण इंजमाम उल हक ने दिया इस्तीफा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. वर्ल्ड कप 2023 में पाकिस्तान की टीम लगातार 4 मुकाबले हार चुकी है। उसके सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद नहीं के बराबर है। पिछले महीने तक दुनिया की नंबर एक वनडे टीम रही पाकिस्तान के लिए अभी कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा। टीम के अंदर विवाद की खबरें आ रही हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की तरफ से विवादित बयान जारी किए जा रहे हैं। कप्तान बाबर आजम का प्राइवेट चैट लीग हो गया। अब इस बीच इंजमाम उल हक ने इस्तीफा दे दिया है।

इंजमाम ने छोड़ा चीफ सिलेक्टर का पद

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और धाकड़ बल्लेबाज रहे इंजमाम उक हक टीम के चीफ सिलेक्टर थे। उन्होंने वर्ल्ड कप के बीच में ही अपना पद छोड़ दिया है। टीम के खराब प्रदर्शन की वजह से तो इंजमाम पर सवाल उठ ही रहे थे। उनपर हितों के टकराव का भी आरोप लगने लग रहा है। इंजमाम के खिलाफ जांच की भी तैयारी चल रही है। उन्होंने बयान में कहा- लोग बिना रिसर्च के बोलते हैं। मुझ पर सवाल उठाए गए तो मैंने फैसला किया कि बेहतर होगा कि मैं इस्तीफा दे दूं।’

हितों के टकराव का क्या है विवाद

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इंजमाम उल हक प्लेयर्स एजेंट फर्म में हिस्सेदारी के बाद विवाद में आ गए थे। इंजमाम की याजो इंटरनेशनल लिमिटेड में हिस्सेदारी है। इस कंपनी के मालिक तल्हा रेहमानी हैं। रेहमानी इस समय पाकिस्तान क्रिकेट टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल बाबर आजम, मोहम्मद रिजवान और शाहीन शाह अफरीदी का काम देखते हैं। यही वजह है कि इंजमाम पर हितों के टकराव का मामला बन रहा है। एक स्थानीय समाचार चैनल से बात करते हुए, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड प्रबंधन समिति के प्रमुख जका अशरफ ने हितों के संभावित टकराव की चिंताओं के बीच खिलाड़ियों के एजेंट की कंपनी के साथ इंजमाम की कथित संलिप्तता की जांच शुरू करने का संकेत दिए थे।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।