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भारत ने कानपुर टेस्ट में बांग्लादेश को 7 विकेट से हराया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

लखनऊ. कानपुर में खेले गए सीरीज के दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया ने बांग्लादेश को 7 विकेट से हराकर 2-0 से क्लीन स्वीप कर दिया. टीम इंडिया ने कानपुर में खेले गए ‘बेजान’ टेस्ट में ‘जान’ फूंककर रोमांचक जीत हासिल की. मैच में करीब तीन दिन बारिश ने परेशान किया, जिससे फैंस को लगने लगा था कि अब इस मैच का नजीता ड्रॉ के अलावा कुछ नहीं होगा, लेकिन रोहित बिग्रेड ने ड्रॉ होने वाले मुकाबले में जीत हासिल की.

टीम इंडिया के लिए यशस्वी जायसवाल ने दोनों ही पारियों में अर्धशतक लगाए. गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह ने सबसे ज्यादा 6 विकेट झटके. बुमराह ने दोनों ही पारियों में 3-3 विकेट अपने नाम किए. 27 सितंबर से शुरू हुए मुकाबले में टीम इंडिया ने टॉस जीतकर बॉलिंग करने का फैसला किया. मुकाबले के पहले ही दिन बारिश ने दखल दिया, जिससे मैच एक घंटे की देरी से शुरू हुआ. इसके अलावा लंच ब्रेक दौरान भी बारिश देखने को मिली. पहले दिन सिर्फ 35 ओवर का ही खेल हो सका, जिसमें बांग्लादेश ने 107/3 रन बोर्ड पर लगाए.

फिर दूसरा दिन पूरी तरह से बारिश में धुल गया. इसके बाद फैंस ने उम्मीद लगाई कि तीसरे दिन उन्हें खेल देखने को मिलेगा, लेकिन ऐसा हो नहीं सका और तीसरा दिन भी बिना कोई गेंद फिके बारिश की भेंट चढ़ गया.

चौथे दिन टीम इंडिया ने किया कमाल, मुकाबले में फूंक दी जान

मुकाबले के चौथे दिन भारतीय टीम ने बांग्लादेश को 233/10 रनों पर समेट दिया और फिर उसी दिन अपनी पहली पारी में 285/9 रन बनाकर (34.4 ओवर में) पारी घोषित कर दी. टीम इंडिया ने पहली पारी के साथ 52 रनों की बढ़त हासिल की. भारत के लिए इस पारी में यशस्वी जायसवाल ने 12 चौके और 2 छक्कों की मदद से 72 रनों का सबसे बड़ी निजी स्कोर बनाया. इसके अलावा केएल राहुल ने 7 चौके और 2 छक्के लगाकर 68 रन स्कोर किए. चौथे ही दिन बांग्लादेश अपनी दूसरी पारी के लिए मैदान पर उतरी. दिन खत्म होने तक बांग्लादेश ने 11 ओवर में 26/2 रन बोर्ड पर लगा लिए थे.

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पांचवें दिन के दूसरे सेशन में जीती टीम इंडिया

फिर पांचवें दिन अपनी दूसरी पारी को बढ़ाने उतरी बांग्लादेश पहले सेशन में सिर्फ 146/10 रनों पर ऑलआउट हो गई और भारत के सामने सिर्फ 95 रनों का लक्ष्य रखा. टीम इंडिया ने दूसरे ही सेशन में छोटे से लक्ष्य को 3 विकेट के नुकसान पर हासिल कर जीत अपने नाम कर ली. इस दौरान जायसवाल के बल्ले से 45 गेंदों में 8 चौके और 1 छक्के की मदद से 51 रनों की सबसे बड़ी पारी देखने को मिली.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।