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मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंत्रिमंडल सहित रामलला के किये दर्शन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना की. 22 जनवरी को राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह हुआ था. राज्य सरकार की एक विज्ञप्ति में कहा गया था कि गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी, विधानसभा में सत्ता पक्ष के मुख्य सचेतक बालकृष्ण शुक्ला और सत्तारूढ़ बीजेपी के सचेतक विजय पटेल भी दल के साथ दर्शन करने जाएंगे. “पटेल और अन्य गणमान्य व्यक्ति दो मार्च को पूर्वाह्न लगभग 11 बजे अयोध्या पहुंचे थे. इस दौरान वे सरयू नदी के तट पर तंबुओं की नगरी भी जाएंगे और देर शाम वापस लौटेंगे.”

क्या बोले मंत्री ऋशिकेश पटेल?

अयोध्या में गुजरात मंत्री ऋशिकेश पटेल ने कहा, “अयोध्या में जो विकास के काम शुरू हुए, आने वाले वर्षों में अयोध्या नगरी एक सांस्कृतिक विरासत तो बनेगी लेकिन पर्यटन की दृष्टि से भी उत्तर प्रदेश और भारत में बड़ा योगदान अयोध्या का होगा…”

क्या बोले सीएम पटेल?

अयोध्या में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने कहा, “PM मोदी के नेतृत्व में इस अमृतकाल में राम मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा समारोह करोड़ो देशवासियों के लिए ‘अमृत उत्सव’ के समान रहा. हर एक हिंदू का संकल्प था कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए, ऐसे ऐतिहासिक मंदिर के भूमि पूजन और प्राण प्रतिष्ठा, दोनों ही पवित्र कार्य का सौभाग्य PM मोदी को प्राप्त हुआ.”

भूपेन्द्र पटेल ने आगे कहा, “आज मुझे गुजरात के मेरे मंत्रिपरिषद के सदस्यों के साथ राम लला के दर्शन का सौभाग्य मिला है, यह हम सबके लिए बहुत ही भावुक क्षण है. अयोध्या में हुआ प्राण प्रतिष्ठा समारोह देश में नए कालचक्र के उद्भव का उद्घोष है, आगामी 1000 वर्षों के लिए राम राज्य की स्थापना का यह संकल्प है.”

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साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।