मंगलवार, सितंबर 08 2026 | 11:05:03 PM

माता वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन के कारण दो श्रद्धालुओं की मौत, एक घायल

Saransh Kanaujia
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जम्मू. जम्मू-कश्मीर के श्री माता वैष्णो देवी भवन मार्ग पर सोमवार को बड़ा हादसा हुआ है. पंछी हेलीपैड के पास भूस्खलन हुआ है. इसमें दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई है. एक लड़की घायल है. माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया है. हालांकि यात्रा पर रोक नहीं लगाई गई है. दूसरे रूट से यात्रा जारी है. श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ ने पुष्टि की है कि मंदिर के रास्ते पर पत्थर गिरने और भूस्खलन की घटना हुई है.

भूस्खलन की जानकारी मिलते ही श्राइन बोर्ड की आपदा प्रबंधन टीम तुरंत मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने बताया कि दोपहर करीब 2 बजकर 35 मिनट पर भवन से तीन किलोमीटर आगे पंछी के पास भूस्खलन हुआ, जिससे ऊपरी लोहे की संरचना का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया. हादसे में जान गंवाने वाली महिलाओं की पहचान ज्ञानपुर गली नंबर-2 गुरदासपुर निवासी सुदर्शन की पत्नी सपना और यूपी के कानपुर की रहने वाली नेहा के रूप में हुई है. पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण हिमकोटि मार्ग पर भूस्खलन हुआ है. पुराने सांझीछत मार्ग से यात्रा जारी है.

बारिश की वजह से भूस्खलन हुआ

इससे पहले 15 अगस्त को दक्षिणी देवरी के पास श्री माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन हुआ था, जिससे तीर्थयात्रियों के लिए पवित्र मंदिर की यात्रा अस्थायी रूप से बाधित हो गई थी. यह घटना क्षेत्र में भारी वर्षा के बीच घटी थी, जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ था.

घटना के बाद रास्ते पर श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकी गई

बताया जा रहा है कि मौसम खराब होने की वजह से भूस्खलन हुआ है. लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है जिसकी वजह से यह भूस्खलन हुआ है. मौसम विभाग ने अगले करीब दो हफ्ते तक क्षेत्र में बारिश का अनुमान व्यक्त किया है. राहत की बात रही है कि घटना के वक्त रास्ते पर श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं थी. जिस रास्ते पर भूस्खलन की घटना हुई है फिलहाल उस रास्ते पर श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी गई है.

यात्रियों से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान सतर्क रहने और रास्ते की स्थिति को देखते हुए आगे बढ़ने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि भूस्खलन की वजह से रास्ते पर मौजूद मलबे को साफ किया जा रहा है. मलब हटाने के बाद एक बार निरीक्षण किया जाएगा. इसके बाद रास्ते को खोलने पर फैसला लिया जाएगा.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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