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अधूरे कागजात होने के कारण चिराग पासवान की गाड़ी का कटा चालान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. बिहार में LJPR के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की कार का ऑटोमैटिक चालान कट गया है। राजधानी पटना से लेकर दिल्ली तक चिराग पासवान की ई-फाइन की चर्चा होने लगी है। टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी ने चिराग पासवान की गाड़ी के अधूरे कागजात कैद कर लिए और फिर ऑटोमैटिक चालान हो गया।

दरअसल, बिहार सरकार ने पूरे प्रदेश में ई डिटेक्शन सिस्टम चालू किया है। राज्य के सभी टोल प्लाजा पर ऑटोमैटिक चालान करने के लिए सीसीटीवी लगाए गए हैं, जो टोल से आने-जाने वाली सभी गाड़ियों की तस्वीर सीसीटीवी कैमरा कैद करती है और मुख्यालय से इसकी मॉनिटरिंग की जाती है। गाड़ी नंबर के अनुसार, अगर आपकी गाड़ी के कागजात और पेपर अधूरे हैं, तो ऑटोमैटिक चालान काट कर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है।

क्यों काटा गया चालान?

हालांकि, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की गाड़ी का ऑटोमैटिक चालान बिहार के नेशनल हाईवे पर किस बात का कटा है, ये पता नहीं चला है। हालांकि, अब बिहार में चलने वाली गाड़ियों का परमिट पेपर, बीमा और प्रदूषण का कागजात होना या अपडेट होना जरूरी हो गया है। ऐसा नहीं रहने पर बिहार के सभी टोल प्लाजा पर सीसीटीवी लगाए गए हैं। पकड़े जाने पर ऑटोमैटिक चालान काट कर आपके मोबाइल पर भेज दिया जाएगा और मैसेज भी रजिस्टर्ड नंबर पर पहुंच जाएगा।

पार्टी के नेता क्या बोले?

चिराग पासवान से जुड़ा हुआ मामला सामने आया है, जिसे लेकर बताया जा रहा है कि चिराग पासवान पटना से चंपारण जा रहे थे, इसी दौरान रास्ते में किसी टोल प्लाजा पर ऑटोमैटिक फाइन हुआ है। हालांकि, उनके नेता का कहना है कि चिराग पासवान से संबंधित फाइन का ममला नहीं है।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।