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ईरान यात्रा को लेकर भारत ने जारी की एडवाइजरी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. ईरान के हमले के बाद इजरायल ने बदला लेने की कसम खाई है. इस बीच दोनों देशों में बढ़ते जंग के खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरीकों को अलर्ट किया है. भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह मिडिल ईस्ट की घटनाओं पर करीब ने नजर रख रहा है. विदेश मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा, “भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे ईरान की सभी गैर-जरूरी यात्रा से बचें. वर्तमान में ईरान में रहने वालों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और तेहरान में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें.”

इजरायल में रह रहे भारतीयो के लिए एडवाइजरी

ईरान ने मंगलवार (2 अक्टूबर 2024) को इजरायल पर दर्जनों मिसाइल दागी. इजरायली सेना ने बताया कि ईरान ने 200 मिसाइलें दागी हैं. इसके बाद भारत ने इजरायल में रह रहे भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी किया था. सरकार ने इजरायल में रह रहे भारतीयों की जानकारी जुटाने के लिए एक गूगल फॉर्म भी शेयर किया था, जिसमें वहां रह रहे भारतीय अपनी जानकारी भरकर दूतावास में रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. मंत्रालय की तरफ से भारतीयों के सुरक्षा नियमों का पालन करने की भी सलाह दी गई थी. इससे पहले एक अक्टूबर 2024 को विदेश मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा था, “स्थानीय अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें. कृपया सावधानी बरतें, देश के भीतर अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षा आश्रयों के करीब रहें. दूतावास स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है.”

इजरायल पर हमले के बाद ईरान का रिएक्शन

मिडिल ईस्ट में इजरायल पर हमले के बाद वहां के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान का खाक करने की कसम खाई है. वहीं इजरायल पर हमले के बाद ईरान की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. ईरान ने कहा, “हमें आत्मरक्षा का अधिकार है. हमने बेगुनाहों पर हमला नहीं किया. हमने सिर्फ सैन्य ठिकानों पर हमला किया.”

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।