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सनातन ही एकमात्र धर्म, शेष सभी पंथ और संप्रदाय : योगी आदित्यनाथ

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जयपुर. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को विशेष विमान से जोधपुर पहुंचे। उन्होंने पालासनी गांव स्थित मारवाड़ राजगुरु मठ सिद्ध श्री चिड़ियानाथ आसन में ब्रह्मलीन योगी कैलाशनाथ महाराज का संख्या ढाल और दो दिवसीय भंडारा महोत्सव में भाग लिया। इस दौरान सीएम योगी ने सभा को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा- विपरीत हालातों में अपनी परंपरा को कैसे सुरक्षित रखा जाना चाहिए ये देखने के लिए दुनिया भर से लोग राजस्थान आते हैं।

सीएम योगी ने कहा कि रास्ते अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन हर राह मंजिल तक पहुंचती है। बस हमें सही राह चुनने की जरूरत है, यह राह वही जो हमारे संतों और योगियों ने हमें दिखाई है। सनातन धर्म का एक विराट रूप है, वो सबको अपने अंदर समाहित करता है। सनातन धर्म के मूल्यों के प्रति हम सबका आग्रह होना चाहिए। धर्म एक ही है और वो सनातन धर्म है। बाकी, पंत और संप्रदाय हो सकते हैं। हर देश, हर काल और हर परिस्थित में बिना डिटे, बिना हटे और बिना झुके अपनी जीवंतता को बनाए रखा है, वह बना रहा है और इसलिए दुनिया के अंदर बहुत सारे लोग आए और चले गए। लेकिन, सनानत धर्म सम और विषम हालातों का सामना करते हुए लगातार आगे बढ़ा है।

योगी ने कहा कि उस काल खंड में कुछ बाधाएं और कुछ चुनौतियां आईं होंगी। अगर, हमनें इन बाधाओं का सामना नहीं किया होगा तो उन्होंने हमें कुछ चुनौतियां दी होंगी। लेकिन, जब हम एकजुट होकर निकल पड़े तो जीत होने में बहुत देर नहीं लगी। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। 22 जनवरी को 500 साल के इंतजार के बाद प्रभुराम अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। इससे हर भारतवासी प्रसन्न हैं।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।