लोड हो रहा है...

दूसरी बार भी हलाला करवाने के लिए फिर दिया तीन तलाक

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

लखनऊ. बरेली में दगाबाज प्रेमी ने निकाह से पहले ही युवती से जबरन संबंध बनाए। उसके गर्भवती होने पर निकाह किया पर बाद में तलाक दे दिया। इसके बाद जेठ से हलाला करने का दबाव बनाया। हलाला के बाद दोबारा निकाह कर लिया पर फिर से तीन तलाक दे दिया। अब वह दोबारा जेठ से हलाला का दबाव बना रहा है। कैंट क्षेत्र निवासी पीड़िता ने एसएसपी से शिकायत की तो उन्होंने जांच के आदेश दिए हैं। पीड़िता ने बताया कि आठ साल पहले जमशेद खान ने उसे प्रेमजाल में फंसाकर जबरन शारीरिक संबंध बनाया। वह गर्भवती हो गई तो निकाह करने के एवज में जमशेद ने दो लाख रुपये मांगे।

वह घर में रखे एक लाख रुपये लेकर आई। तब जमशेद ने उससे निकाह कर लिया। इस दौरान उसे एक बेटी और एक बेटा हुआ। ससुराल वाले आए दिन छोटी-छोटी बातों पर उसे पीटते थे। जमशेद उसे व बच्चों को छोड़कर दुबई चला गया। वहां से व्हाट्सएप कॉल कर उसने तीन तलाक दे दिया। ससुराल वालों ने कहा कि पहले जेठ के साथ हलाला होगा तब जमशेद से दोबारा निकाह होगा। जेठ ने जबरन उसके साथ हलाला किया। कुछ माह बाद ससुराल वालों ने जमशेद को दुबई से बुलाकर दोबारा निकाह करा दिया। कुछ दिन बाद जमशेद दोबारा दुबई चला गया।

अब एक बार फिर उसने फोन पर तीन तलाक दे दिया है। ससुराल वाले फिर जेठ के साथ हलाला कराकर पति से निकाह का दबाव बना रहे हैं। उसे बच्चों सहित घर से निकाल दिया है। उसका घरेलू सामान भी हड़प लिया है। वह बच्चों के साथ दर-दर भटक रही है।

साभार : अमर उजाला

- Advertisement -

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www।amazon.in/dp/9392581181/

https://www।flipkart.com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।