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कॉमेडियन भारती सिंह ने करवाया गॉल ब्लैडर का ऑपरेशन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. कॉमेडियन और टीवी होस्ट भारती सिंह ने अपने रीसेंट व्लॉग में बताया कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने अपने अस्पताल के बेड से शूट किया गया एक नया व्लॉग शेयर किया. इसमें उन्होंने अपने फैन्स को बताया कि पेट में दर्द होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था. पहले तो उसने यह मानकर इसे टाल दिया कि यह गैस्ट्रिक समस्या है लेकिन दर्द कम नहीं होने पर उसने अस्पताल जाने का फैसला किया. भारती ने कहा कि जांच में उनके गॉल ब्लैडर में पथरी का पता चला है और डॉक्टर अभी उनकी देखभाल कर रहे हैं. जहां दिन में भारती ने मोर्चा संभाले रखा वहीं रात में वह इन्सिक्योर हो गईं और सोचने लगीं कि यह सब कैसे हुआ. उन्हें अपने बेटे गोला की भी याद आई और वह रोने लगीं. उसने बताया कि वह उसे पूरे घर में ढूंढ रहा था और वह उसके लिए चिंतित थी. उसे उम्मीद थी कि यह जल्द ही खत्म हो जाएगा और वह अपने बेटे के साथ फिर से मिल जाएगी. वीडियो में हर्ष की झलक भी दिखाई गई जो परेशन दिख रहे थे.

टीवी इंडस्ट्री में टॉक्सिक वर्क कल्चर के बारे में खुलने के कुछ ही दिनों बाद भारती को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अपने पॉडकास्ट पर बोलते हुए हर्ष ने शेयर किया कि सेट पर उन्होंने स्टाफ को नींद की कमी के चलते बीमार पड़ते देखा है. भारती ने आगे कहा, “मैंने डेली सोप में लड़कियों को ड्रिप लगाकर काम करते हुए भी देखा है. उन्हें घर जाने की इजाजत नहीं थी क्योंकि तब तक शॉट का टेलीकास्ट नहीं हुआ था.” हर्ष ने तब यह भी खुलासा किया कि कैसे डायरेक्टर कैमरे पर केवल उनके परफेक्ट शॉट की परवाह करते थे और उन्हें ‘जिंदगी और मौत के हालात’ से गुजरने वाले एक्टर्स की परवाह नहीं थी.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।