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सम्राट चौधरी ने अयोध्या की सरयू नदी में स्नान कर उतारी पगड़ी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने अयोध्या में बुधवार को अपनी पगड़ी उतार दी है. इस दौरान सम्राट चौधरी ने सरयू नदी में स्नान किया और अपनी पगड़ी उतारी. सम्राट चौधरी के साथ बीजेपी के कई अन्य नेताओं ने में भी सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाई है. सरयू में स्नान करने के बाद सम्राट चौधरी समेत एनडीए के अन्य नेताओं ने अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन किए.

इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए सम्राट चौधरी ने बताया कि उन्होंने बीते करीब 22 महीनों से पगड़ी बांध रखी थी. अब अयोध्या में प्रभु श्रीराम के चरणों में अपनी मुरेठा को संपर्ण करने आया हूं. सम्राट चौधरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर पोस्ट शेयर कर लिखा-

बंदउँ अवध पुरी अति पावनि। सरजू सरि कलि कलुष नसावनि॥
प्रनवउँ पुर नर नारि बहोरी। ममता जिन्ह पर प्रभुहि न थोरी॥

प्रातः अयोध्याधाम में पवित्र सरयू नदी में डुबकी लगाई और हमारे इष्ट, प्रभु श्रीराम को स्तुति कर मुरेठा खोला।

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जय अयोध्या धाम की
जय-जय श्रीराम की

वहीं सम्राट चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमलोगों ने 2 साल पहले बिहार से महागठबंधन की सरकार को हटाने का अभियान शुरू किया था. इसी साल 28 जनवरी को अदरणीय नीतीश कुमार जी हमारे साथ आ गए. उनको मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद हमलोगों ने तय किया था किया अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के चरणों में पगड़ी को समर्पित करने का काम करेंगे. इसलिए हमलोग यहां पहुंचे हैं.

इस दौरान सम्राट चौधरी ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि हमलोगों 2024 के चुनाव में पूर्ण रूप बिहार की जनता ने 75 प्रतिशत सीटें दिलाने का काम किया. वहीं बिहार विधानसभा चुनाव 2024 में भी बिहार की जनता एनडीए को पूर्ण समर्थन देने का काम करेगी.

साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।