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सीरिया में हुए इजरायली हमले में नसरल्लाह के दामाद हसन जाफर कासिर की मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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गाजा. इजराइली सेना ने सीरिया की राजधानी दमिश्क के माजेह वेस्टर्न विला इलाके में हवाई हमला किया था. इस हमले में पूर्व हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह के दामाद हसन जाफर कासिर समेत दो लेबनानी नागरिक मारे गए. बता दें कि 27 सितंबर को भी इजरायल ने हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह को टारगेट करते हुए बेरूत स्थित हिजबुल्लाह के मुख्यालय पर बमों की वर्षा की थी. जिसमें नसरल्लाह की मौत हो गई.

सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के अनुसार, बुधवार को इजरायली हमले में तीन मंजिला इमारत की पहली मंजिल को निशाना बनाया गया, जहां हिजबुल्लाह और ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के नेता अक्सर रहते थे. इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो गैर-सीरियाई शामिल हैं. इस हमले में चार अन्य लोग घायल हो गए, जिनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई.

सीरियाई रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हमले में तीन नागरिक मारे गए और तीन अन्य घायल हो गए. समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार मंत्रालय ने कहा कि हमला इजरायल के कब्जे वाले गोलान हाइट्स से किया गया था. इजरायल की ओर से बुधवार को किया गया हमला इस हफ्ते इस क्षेत्र में दूसरा हवाई हमला है. आपको बता दे कि मंगलवार (1 अक्टूबर) की सुबह हुए इजरायली हमले में एक पत्रकार समेत तीन लोगों की मौत हो गई जबकि नौ अन्य घायल हो गए.

100 बच्चों का नाम ‘नसरल्लाह’ रखा गया

ईरान में हिजबुल्लाह चीफ की मौत के बाद से इराक में हसन नसरल्लाह के नाम पर नवजात बच्चों का नाम रखने का चलन बढ़ गया है. इराक की हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक पूरे देश में लगभग 100 बच्चे का नाम ‘नसरल्लाह’ नाम से रजिस्टर्ड कराया गया है.

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एक साथ 5 देशों से लड़ रहा है इजरायल

इजराइल एक साथ कई मोर्चे पर लड़ाई लड़ रहा है. इजराइली सेना लेबनान में हिजबुल्लाह, गाजा में हमास, यमन में हूती विद्रोही के अलावा सीरिया और ईरान का भी सामना कर रहा है.

साभार : इंडिया न्यूज़पोर्टल

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।