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इजरायली बंधकों को रिहा नहीं किया तो होगी तबाही : डोनाल्ड ट्रंप

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

वाशिंगटन. अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास के खिलाफ सख्त बयान दिया. उन्होंने गाजा पट्टी में बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई को लेकर हमास को चेतावनी दी. ट्रंप ने कहा कि अगर 20 जनवरी 2025 तक बंधकों को रिहा नहीं किया गया, तो मध्य पूर्व में तबाही मचा दी जाएगी.

ट्रंप ने अपने बयान में कहा, “अगर बंधकों को रिहा नहीं किया गया तो अमेरिका मानवता के खिलाफ यह अपराध करने वालों को इतिहास की सबसे बड़ी सजा देगा.” उन्होंने इसे अमेरिका की प्रतिष्ठा और न्याय के लिए गंभीर मुद्दा बताया. बता दें कि इजरायली आंकड़ों के अनुसार, 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमास के हमले के दौरान 250 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया गया था. इनमें से लगभग 101 विदेशी और इजरायली नागरिक अब भी हमास के कब्जे में हैं. हमास का दावा है कि इनमें से 33 बंधकों की मौत हो चुकी है.

क्या है हमास की मांग?

हमास के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद से इजरायल ने हमास को खत्म करने के लिए लगातार हमला कर रहा है. इस युद्ध में पूरी गाजा पट्टी खंडर में तब्दील हो गई है. हालांकि, इसके बावजूद हमास बाज नहीं आ रहा है. हमास की मांग है कि इजरायली सेना गाजा से चला जाए. वो बंधकों के बदले फिलिस्तीनी कैदियों को रिहाई की मांग कर रहा है. हमास की मांग पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि जब तक हमास का पूरी तरह से खात्मा नहीं हो जाता, युद्ध जारी रहेगा.

गाजा में तबाही की स्थिति

इजरायल ने युद्ध शुरू होने के बाद से गाजा पट्टी पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं. इस हमले में अब तक 44,400 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. इसके अलावा गाजा की अधिकांश जनसंख्या विस्थापित हो चुकी है. इसका एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से तबाह हो गया है. इस पर गाजा के कार्यवाहक प्रमुख खलील अल-हय्या ने कहा है कि जब तक जंग खत्म नहीं होती, तब तक कैदियों की अदला-बदली नहीं होगी.

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साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।