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राहुल गांधी की यात्रा पर अखिलेश यादव का तंज, वो हमें बुलाते ही नहीं

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया (INDIA) में तालमेल की कमी नजर आ रही है. सीट बंटवारे को लेकर विपक्षी दलों के मतभेद खुलकर सामने आए हैं. वहीं, कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा से भी घटक दल के नेता दूरी बनाते दिख रहे हैं. पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राहुल गांधी की यात्रा में हिस्सा नहीं लिया. वहीं अब यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी यात्रा में शामिल होने को लेकर बड़ा बयान दे डाला है.

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को कहा, ‘मुश्किल ये नहीं है कि हम यात्रा में शामिल होंगे या नहीं, बल्कि मुश्किल तो ये है कि कई बड़े आयोजन होते हैं लेकिन हम लोगों को निमंत्रण ही नहीं मिलता है. हम लोग अपने आप निमंत्रण क्या मांगे?’ कांग्रेस की ओर से सांसद राहुल गांधी के नेतृ्त्व में निकाली जा रही भारत जोड़ो न्याय यात्रा फिलहाल झारखंड से गुजर रही है.

आडवाणी को भारत रत्न दिए जाने पर क्या कहा?

अखिलेश यादव ने पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न दिए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने वोटबैंक को बिखरने से बचाने के लिए ये सम्मान दिया. यह भारत रत्न अपने वोट को बांधने के लिए दिया जा रहा है. यह सम्मान में नहीं दिया जा रहा है.’

सीट बंटवारे पर दिया बड़ा बयान

विपक्षी गठबंधन इंडिया में सीटों के बंटवारे को लेकर उन्‍होंने कहा, ‘सीटों के बंटवारे को लेकर जिस स्तर पर बात होनी चाहिए, हो चुकी है और उनको जानकारी भी दी जा चुकी है. सीटों के बंटवारे को लेकर लगभग सहमति बन चुकी है। जीत और सीट के हिसाब से सीटों का बंटवारा होगा. कांग्रेस आलाकमान से उनकी बात हो चुकी है, सीटों के बंटवारे को लेकर कोई दुविधा नहीं है.’

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बीजेपी को लेकर किया ये दावा

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने बीजेपी को लेकर भी बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा, ‘बीजेपी आगामी लोकसभा चुनाव में राज्य में एक को छोड़कर अपने सभी वर्तमान सांसदों का टिकट काटेगी.’ सपा प्रमुख ने एक्‍स पर लिखा, ‘ब्रेकिंग न्यूज- सूत्रों के हवाले से पता चला है कि बीजेपी उत्तर प्रदेश में अपने सभी वर्तमान सांसदों का टिकट काटने जा रही है सिवाय एक को छोड़कर, लेकिन सुनने में आया है वो भी अपनी सीट बदल रहे हैं या फिर किसी सुदूर प्रदेश में एक अतिरिक्त सुरक्षित सीट ढूंढ रहे हैं.’

साभार : इंडिया न्यूज़पोर्टल

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।