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विवाद में पड़ने के बाद उपेंद्र रावत ने बाराबंकी से लौटाया भाजपा का लोकसभा टिकट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी द्वारा दो मार्च को लोकसभा चुनाव 2024 के लिए 195 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. लिस्ट आने के 24 घंटे के भीतर पश्चिम बंगाल के आसनसोल से भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था. अब यूपी के बाराबंकी से उम्मीदवार उपेंद्र रावत ने चुनाव न लड़ने का ऐलान किया है. उपेंद्र रावत का एक कथित अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. उपेंद्र रावत ने निर्दोष साबित होने तक चुनाव न लड़ने का ऐलान किया.

उपेंद्र रावत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, ‘मेरा एक एडिटेड वीडियो वायरल किया जा रहा है जो डीप फेक एआई तकनीक द्वारा जेनरेटेड है, जिसकी FIR मैंने दर्ज करा दी है,इसके संदर्भ में मैंने माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी से निवेदन किया है कि इसकी जाँच करवायी जाये. जबतक मैं निर्दोष साबित नहीं होता सार्वजनिक जीवन में कोई चुनाव नहीं लड़ूंगा.’ गौरतलब है कि उपेंद्र रावत बाराबंकी से फिलहाल सांसद हैं. उन्होंने साल 2019 लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के राम सागर रावत को हराया था.

सांसद उपेंद्र सिंह रावत का कथित अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसको लेकर सांसद की तरफ से कोतवाली थाने में रविवार को अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गयी है. एसएचओ आदित्य त्रिपाठी ने रविवार को बताया कि रावत का सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे कथित आपत्तिजनक वीडियो मामले में उनके निजी सचिव दिनेश चंद्र रावत की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है. पुलिस आरोपियों की तलाश में है.

साभार : जी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।