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हाथरस हादसे में अब तक दो महिलाओं समेत 6 गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. हाथरस हादसा के दो दिन बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस कर कई अहम जानकारी दी है. पुलिस ने बताया कि भगदड़ में एक 121 लोगों की मौत हुई है जिनमें से 112 महिलाएं हैं. इस मामले में अब तक 6 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. आईजी शलथ माथुर ने बताया कि मुख्य आरोपी मधुकर पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है. उन्होंने बताया कि सेवादारों की भूमिका की जांच की जा रही है.

हाथरस भगदड़ की घटना पर अलीगढ़ के आईजी शलभ माथुर ने कहा कि घटना में चार पुरुषों और दो महिलाओं सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वे सभी आयोजन समिति के सदस्य हैं और ‘सेवादार’ के रूप में काम करते हैं.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस ने बताया कि पकड़े गए सभी लोग आयोजन समिति के सदस्य है सेवादार है. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस ने जानकारी दी कि इनपर थाना सिंकराराऊ में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 110, 126-2, 223, 238 के तहत मामला दर्ज हो चुका है.

गिरफ्तार लोगों की जानकारी- चार पुरुष, दो महिलाएं

  • राम लड़ैते पुत्र रहबारी सिंह यादव, मैनपुरी
  • उपेंद्र सिंह यादव पुत्र रामेश्वर सिंह, फिरोजाबाद
  • मेघसिंह पुत्र हुकुम सिंह, हाथरस
  • मुकेश कुमार पुत्र मोहर सिंह, हाथरस
  • मंजू यादव पत्नी सुशील कुमार, हाथरस
  • मंजू देवी पत्नी किशन कुमार यादव, हाथरस

इस घटना के बाद से ही भोला बाबा फरार है. पुलिस ने इस हादसे को लेकर मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है. इस बीच बाबा के आश्रम में रहने वाले रंजीत सिंह नाम के एक चश्मदीद ने भोले बाबा को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. रंजीत सिंह के अनुसार भोले बाबा के पास कोई विशेष शक्ति नहीं है वो सिर्फ अपने पास विशेष शक्ति होने का ढोंग करता है.

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साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।