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हिजबुल्लाह ने डर कर अपने पूर्व प्रमुख नसरल्लाह के शव को गुप्त जगह दफनाया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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बेरुत. लेबनानी संगठन हिजबुल्लाह को डर है कि इजरायल उसके नेता हसन नसरल्लाह के अंतिम संस्कार के कार्यक्रम को निशाना बना सकता है। समाचार एजेंसी एएफपी ने हिजबुल्लाह के एक करीबी सूत्र के हवाले से इसकी जानकारी दी है। एजेंसी के अनुसार इसी डर से हसन नसरल्लाह को अस्थायी रूप से एक गुप्त स्थान पर दफनाया गया है। सूत्रों ने एजेंसी से कहा, ‘हसन नसरल्लाह को तब तक अस्थायी रूप से दफनाया गया है, जब तक कि परिस्थितियां सार्वजनिक अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं देतीं।’

पिछले सप्ताह हुई थी मौत

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह एक इजरायली हमले में नसरल्लाह की मौत हो गई थी, जब वह हिजबुल्लाह मुख्यालय में एक बैठक में भाग ले रहा था। वहीं एक लेबनानी अधिकारी के हवाले से एएपपी ने कहा कि हिजबुल्लाह ने लेबनान के माध्यम से अमेरिकी नेताओं से अपने मारे गए नेता के लिए सामूहिक अंतिम संस्कार आयोजित करने के लिए गारंटी मांगी थी। हालांकि, बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में चल रहे इजरायली हमलों के मद्देनजर, ऐसी कोई गारंटी नहीं मिली। इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व में शुक्रवार को नसरल्लाह का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार हुआ, जहां हजारों लोग राजधानी में एकत्रित हुए। मुख्य मंच पर नसरल्लाह की तस्वीर के साथ खामेनेई की तस्वीर भी प्रदर्शित की गई।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।