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ईडी के बाद अब सीबीआई करेगी के कविता से पूछताछ

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में गिरफ्तार भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की नेता के. कविता से तिहाड़ जेल में पूछताछ करने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को शुक्रवार को अनुमति दे दी। बता दें कि के. कविता को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में 15 मार्च को गिरफ्तार किया था। सीबीआई की याचिका पर अदालत ने यह आदेश जारी किया।

कोर्ट ने क्या आदेश दिया

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि CBI IO एक महिला कांस्टेबल/CBI के हेड कांस्टेबल के साथ, एक दिन की अग्रिम लिखित सूचना देने के बाद इस सप्ताह के किसी भी आने वाले दिन में आगे की जांच और उसके बयान दर्ज करने के उद्देश्य से जेल का दौरा कर सकती है। अदालत ने जांच/पूछताछ के लिए जेल परिसर के अंदर अपने साथ एक लैपटॉप और अन्य आवश्यक स्टेशनरी सामान ले जाने की भी अनुमति दी। दरअसल, सीबीआई बुच्ची बाबू के फोन से बरामद व्हाट्सएप चैट और भूमि सौदे से संबंधित दस्तावेजों के बारे में के. कविता से पूछताछ करना चाहती है, जिसमें रिश्वत के तौर पर आप को 100 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था।

के. कविता पर क्या हैं आरोप

बता दें कि तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता पर ‘साउथ ग्रुप’ की एक प्रमुख सदस्य होने का आरोप है, जिसने दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) को राष्ट्रीय राजधानी में शराब के लाइसेंस का एक बड़ा हिस्सा देने के एवज में 100 करोड़ रुपये की कथित तौर पर रिश्वत दी थी। कविता को पिछले मंगलवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। ईडी ने कविता को हैदराबाद स्थित उनके बंजारा हिल्स आवास से 15 मार्च को गिरफ्तार किया था।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।