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भारतीय क्रिकेट टीम की विक्ट्री परेड में शामिल कई प्रशंसकों की तबीयत बिगड़ी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम साउथ अफ्रीका को टी20 वर्ल्ड कप 2024 के फाइनल में हराने के बाद गुरुवार (4 जुलाई) को भारत पहुंची. दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद बड़ी संख्या में फैन्स ने उनका स्वागत किया. इसके बाद टीम इंडिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए उनके आवास पर पहुंची. इसके बाद  टीमं इंडिया शाम को मुंबई में विक्ट्री परेड में शामिल हुई, जहां लाखों की संख्या में फैंस का हुजूम पहुंचा. इतनी बड़ी संख्या में लोग इस विक्ट्री परेड को देखने पहुंचे की भीड़ में कई फैंस घायल हो गए तो कुछ को सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.

भारतीय क्रिकेट टीम की जीत के मौके पर मुंबई में विक्ट्री परेड निकाली गई. इस परेड को देखने के लिए और इसका हिस्सी बनने के लिए फैन्स का हुजूम सड़कों पर उमड़ उठा.  भीड़ ज्यादा होने के कारण कई फैन्स की तबीयत बिगड़ गई तो कई फैन्स घायल हो गए. इसके बाद पुलिस ने घायलों को भीड़ से निकाल कर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज किया गया वहीं अभी कुछ लोगों का इलाज जारी है.

कुछ फैंस को हुई सांस लेने में दिक्कत

बारिश होने के बावजूद भी टीम इंडिया की विक्ट्री परेड में शामिल होने के बड़ी संख्या में फैंस पहुंचे. भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कई किलोमीटर तक लोगों के अलावा कुछ नजर ही नहीं आ रहा था. इस बीच कई लोगों को भीड़ में सांस लेने में दिक्कत हुए, कुछ का दम घुटने लगा, वहीं लोग भीड़ के कारण एक दूसरे को दबाते नजर आए. जिसकी वजह से कुछ लोग घायल भी हो गए. इसकी वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. मुंबई पुलिस के मुताबिक इस परेड के दौरान करीब 10 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया.

साभार : इंडिया न्यूज़ पोर्टल

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।