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हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी मामले में सीबीआई को दिया नोटिस

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. आबकारी घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जमानत याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया। मामले पर अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी। बताया गया कि इसी तारीख पर सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी और इसके बाद जारी रिमांड आदेश को चुनौती देने वाली केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई होगी।

कोर्ट में क्या बोले केजरीवाल के अधिवक्ता

केजरीवाल की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह ऐसा मामला नहीं है, जहां यहां ट्रिपल टेस्ट का दूर-दूर तक आरोप लगाया गया हो। इस मामले में चार लोगों को जमानत मिल चुकी है। केजरीवाल को दो साल बाद गिरफ्तार किया गया है। सिंघवी ने तर्क दिया कि केजरीवाल को ईडी मामले में ट्रायल कोर्ट से जमानत मिल गई है और इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। केजरीवाल कोई घोषित अपराधी या आतंकवादी नहीं हैं। केजरीवाल सिर्फ कुछ अंतरिम राहत की मांग कर रहे हैं।

सीबीआई की तरफ से पेश अधिवक्ता क्या बोले…

सीबीआई की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता डीपी सिंह ने कहा कि केजरीवाल ने गिरफ्तारी को चुनौती दी है और यह पहले से ही एक अन्य पीठ के समक्ष लंबित है। जमानत के लिए पहली अदालत ट्रायल कोर्ट होनी चाहिए थी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जमानत याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया। इस मामले पर अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी। इसी तारीख पर सीबीआइ द्वारा गिरफ्तारी और इसके बाद जारी रिमांड आदेश को चुनौती देने वाली केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई होगी।

केजरीवाल के समर्थन में उतरे 150 से अधिक वकील

दिल्ली के विभिन्न वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखकर दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा आबकारी घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की नियमित जमानत पर रोक लगाने पर चिंता व्यक्त की। अधिवक्ताओं का यह भी कहना है कि जज ईडी और सीबीआई मामलों में जमानतों का अंतिम रूप से निपटारा नहीं कर रहे हैं और लंबी तारीखें दे रहे हैं।

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केजरीवाल के जमानत आदेश पर रोक लगाने पर सवाल उठाया

यह पत्र 150 से अधिक वकीलों द्वारा लिखा गया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि दिल्ली हाईकोर्ट और जिला अदालतों में प्रैक्टिस करने वाले विभिन्न वकील अपनी चिंताओं और शिकायतों के साथ उनके पास पहुंचे हैं। उन्होंने ट्रायल कोर्ट के आदेश अपलोड होने से पहले ही ईडी के उल्लेख पर दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा केजरीवाल के जमानत आदेश पर रोक लगाने पर सवाल उठाया।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।