लोड हो रहा है...

शेख हसीना ने इस्तीफा देकर बांग्लादेश छोड़ा, सेना बनाएगी सरकार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

ढाका. बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी आंदोलन के हिंसक होने के बाद पीएम शेख हसीना ने सोमवार, 5 अगस्त को इस्तीफा दे दिया। सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमान ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने ढाका में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अब सेना अंतरिम सरकार बनाएगी। उधर, ढाका में हालात बेकाबू हैं। सेना प्रमुख ने लोगों से शांति बहाल की अपील की है। कहा कि हम हालात काबू ले आएंगे। भरोसा रखें।

करीब 4 लाख लोग सड़कों पर हैं। राजधानी में जगह-जगह हिंसा और तोड़फोड़ हो रही है। पीएम शेख हसीना ने पीएम आवास छोड़ दिया है। न्यूज एजेंसी AFP ने सूत्रों के हवाले बताया है कि प्रधानमंत्री ने ढाका छोड़कर किसी सुरक्षित जगह शिफ्ट हो गई हैं। उनके साथ उनकी बहन रेहाना भी हैं। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि हसीना मिलिट्री हेलिकॉप्टर से भारत पहुंच गई हैं। उनके पश्चिम बंगाल में होने की खबर है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

बांग्लादेशी अखबार प्रोथोम अलो की मुताबिक, कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुई हैं। इसमें 6 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने तंगेल और ढाका में अहम हाइवे पर कब्जा कर लिया है।

बांग्लादेश में अब 18 सदस्यीय अंतरिम सरकार प्रस्तावित

न्यूज एजेंसी Reuters ने बताया कि आर्मी ने देश की मुख्य पार्टियों के नेताओं के साथ बैठक की। 18 सदस्यीय अंतरिम सरकार प्रस्तावित की गई है। सेना इस सरकार को बनाएगी।

- Advertisement -

साभार : दैनिक भास्कर

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।