लोड हो रहा है...

सीबीआई गिरफ्तारी मामले में अरविंद केजरीवाल को दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि यह कहना गलत है कि ये गिरफ्तारी अवैध है। कोर्ट ने केजरीवाल को उचित मंच पर जमानत याचिका दायर करने की छूट दी।

हाई कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

सीएम केजरीवाल की ओर से सीबीआई द्वारा की गई उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाई कोर्ट ने कथित आबकारी नीति घोटाले से उपजे भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई द्वारा की गई गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली केजरीवाल की याचिका पर 17 जुलाई को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। इसके अलावा, अदालत ने केजरीवाल और सीबीआई के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद 29 जुलाई को आप नेता की जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया था।

केजरीवाल के वकील ने क्या दी दलीलें

गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए केजरीवाल के वकील ने दलील दी थी कि यह एक ‘इंश्योरेंस अरेस्ट’ है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह जेल में रहें। केजरीवाल के वकील ने दलील दी थी कि सीबीआई उन्हें गिरफ्तार नहीं करना चाहती थी और उनके पास उन्हें हिरासत में लेने के लिए कोई सामग्री नहीं थी और घटनाओं के अनुक्रम से यह स्पष्ट हो गया कि उन्हें जेल में ही रखने के लिए गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई के वकील ने केजरीवाल की दोनों दलीलों का विरोध किया और कहा कि उनकी गिरफ्तारी को ‘‘इंश्योरेंस अरेस्ट’’ कहना अनुचित है और उन्होंने कहा कि वह आबकारी घोटाले के सूत्रधार थे और अपराध में उनकी संलिप्तता साबित के लिए सबूत मौजूद हैं।

केजरीवाल को सीबीआई ने 26 जून को तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया था जहां पर वह पहले ही ईडी द्वारा दर्ज धनशोधन के मामले में न्यायिक हिरासत में थे। मुख्यमंत्री को ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था और सुनवाई अदालत ने 20 जून को उन्हें धनशोधन के मामले में जमानत दे दी थी। हालांकि, सुनवाई अदालत के फैसले पर उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी थी। केजरीवाल को उच्चतम न्यायालय ने 12 जुलाई को धनशोधन के मामले में अंतरिम जमानत दी थी।

- Advertisement -

साभार : नवभारत टाइम्स

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।