लोड हो रहा है...

रिलीज के कुछ ही देर में ऑनलाइन लीक हुई अल्लू अर्जुन और रश्मिका मंदाना की फिल्म पुष्पा 2

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. आखिरकार, अल्लू अर्जुन और रश्मिका मंदाना के प्रशंसकों का इंतजार खत्म हुआ। फिल्म पुष्पा 2: द रूल 5 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। सुकुमार द्वारा निर्देशित इस फिल्म में अल्लू के अलावा रश्मिका मंदाना, सुनील, जगपति बाबू और फहद फासिल मुख्य भूमिकाओं में हैं। हालांकि, किसिक गाने में गुंटूर करम अभिनेत्री श्रीलीला का अनोखा अंदाज सभी को पसंद आया। अल्लू अर्जुन की पुष्पा द राइज की रिलीज के तीन साल बाद स्क्रीन पर वापस देखने के लिए प्रशंसकों में भारी उत्साह देखने को मिला। हालांकि, पुष्पा 2 के सिनेमाघरों में आने के कुछ ही घंटों बाद, फिल्म पायरेसी साइट्स पर ऑनलाइन लीक हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अल्लू अर्जुन की पुष्पा 2 इबोम्मा, मूवीरुलज, तमिलरॉकर्स, फिल्मीजिला, तमिलयोगी, तमिलब्लास्टर्स, बोलली4यू, जैशा मूवीज, 9xmovies और मूवीजडा जैसे पायरेसी प्लेटफॉर्म पर मुफ्त में डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध है। यह 1080p, 720p, 480p, 360p, 240p, HD में डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध है। हालांकि यह कानून के हिसाब से गलत है, ऐसा बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे फिल्म के निर्देशक-निर्माताओं के साथ फिल्म की स्टारकास्ट को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार को फिल्म की रिलीज के बाद ‘पुष्पा 2 द रूल मूवी डाउनलोड’, ‘पुष्पा 2 द रूल मूवी एचडी डाउनलोड’, ‘पुष्पा 2 द रूल तमिलरॉकर्स’, ‘पुष्पा 2 द रूल फिल्मीजिला’, ‘पुष्पा 2 द रूल टेलीग्राम लिंक्स’ और ‘पुष्पा 2 द रूल मूवी फ्री एचडी डाउनलोड’ के लिए ऑनलाइन खोज बढ़ गई है, जबकि यह बिल्कुल भी उचित नहीं है।

मैथरी मूवी मेकर्स और मुत्तमसेट्टी मीडिया द्वारा निर्मित, पुष्पा 2 को लेकर प्रशंसकों में काफी उत्साह है। रिलीज के बाद फिल्म को कई साइट्स ने 5/5 स्टार दिए हैं। फिल्म में पहले से ज्यादा धांसू डायलॉग, लुक, स्टाइल और अभिनय है रहा। वहीं इस बार पुष्पा की लाल चंदन की तस्करी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचती है। पुष्पा के किरदार में अल्लू अर्जुन, एसपी शेखावत के रूप में फहद फासिल, श्रीवल्ली के किरदार में रश्मिका मंदाना ने सभी का दिल जीत लिया है। फाफा के लुक की बात करें तो वह गंजे लुक में भी काफी जंगली और खूंखार नजर आए। पायरेसी को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। कॉपीराइट अधिनियम 1957 के तहत पायरेसी एक आपराधिक अपराध है। हम पाठकों से पायरेसी में भाग लेने से बचने का आग्रह करते हैं।

साभार : अमर उजाला

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।