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अभिनेत्री हिना खान को हुई एक और नई बीमारी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. बिग बॉस फेम और कई वेब सीरीज में काम करने वाली अभिनेत्री हिना खान कुछ महीनों से स्तन कैंसर से पीड़ित हैं। जून के आखिर में सोशल मीडिया के माध्यम से उन्होंने इस समस्या के बारे में लोगों को बताया था। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। हालांकि हिना की दिक्कतें अभी कम नहीं हुई हैं। गुरुवार (5 सितंबर) शाम  इंस्टाग्राम पर हिना ने एक पोस्ट साझा कर बताया कि उन्हें अब म्यूकोसाइटिस नामक बीमारी हो गई है।

अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, कैंसर के लिए कीमोथेरेपी ले रही हूं, इसके साइड इफेक्ट में म्यूकोसाइटिस हो गया है। इसके इलाज के लिए मैं डॉक्टर की सलाह का पालन कर रही हूं। अगर आप में से कोई इससे गुजरा है या कोई उपयोगी उपाय जानता है तो कृपया सुझाव दें। जब आप कुछ खा नहीं पाते हैं तो यह वाकई मुश्किल होता है। आपकी सलाह से मुझे बहुत मदद मिलेगी। आइए जानते हैं कि आखिर म्यूकोसाइटिस क्या बीमारी है और इसमें किन उपायों से मदद मिल सकती है।

क्या है म्यूकोसाइटिस की समस्या?

म्यूकोसाइटिस, आपके मुंह और पूरे गैस्ट्रोइंटस्टाइल मार्ग को लाइन करने वाली श्लेष्म झिल्ली में सूजन आ जाने की समस्या है। आमतौर पर रेडिएशन या कीमोथेरेपी जैसे कैंसर का उपचार ले रहे लोगों में म्यूकोसाइटिस का खतरा अधिक देखा जाता रहा है। डॉक्टर बताते हैं कि कीमोथेरेपी लेने वाले 35-40% लोगों में म्यूकोसाइटिस विकसित हो सकता है। इस स्थिति में कुछ भी खाना-पीना कठिन हो जाता है। म्यूकोसाइटिस आमतौर पर स्वत: या फिर कुछ सहायक उपचार से ठीक हो जाता है।

ऐसे लोगों को भी हो सकता है खतरा

कैंसर के उपचार के अलावा कई अन्य कारक भी म्यूकोसाइटिस के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। जैसे किडनी या मधुमेह जैसी क्रोनिक बीमारी, ओरल हाइजीन की समस्या, तम्बाकू चबाना-धूम्रपान करना या शराब पीना। वैसे तो म्यूकोसाइटिस को ज्यादा खतरनाक नहीं माना जाता है पर कुछ स्थितियों में ये बैक्टीरिया, वायरल या फंगल संक्रमण के जोखिम को भी बढ़ा सकता है।

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साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।