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किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले छोड़े न जाएं : योगी आदित्यनाथ

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी दशा में न छोड़े जाएं। उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। सरकार किसी के भी साथ अन्याय नहीं होने देने और हर व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने को संकल्पित है। जनता की समस्याओं का निराकरण सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सीएम योगी ने ये निर्देश रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान दिए। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद गए और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ने इस दौरान करीब 200 लोगों से मुलाकात की। सबको आश्वस्त किया कि किसी को भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, सबकी समस्या का समाधान हरहाल में किया जाएगा। जनता दर्शन में कई महिलाएं जमीन से जुड़े विवादों में  प्रार्थना पत्र लेकर पहुंची थीं।

कुछ की समस्या घरेलू जमीन विवाद की थी तो कुछ की शिकायत थी कि दबंग उनकी जमीनों पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ ने मारपीट के मामले में प्रभावी कार्रवाई की गुहार लगाई। जमीन कब्जा की शिकायतों पर सीएम ने कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जमीन कब्जाने में पेशेवर प्रवृत्ति वालों को भू माफिया के रूप में चिन्हित कर सख्ती की जाए। किसी भी गरीब की जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करें जो नजीर बने। उन्होंने कहा कि  जमीनी विवादों का समाधान तत्परतापूर्वक इस तरह होना चाहिए जिससे पीड़ित व्यक्ति संतुष्ट दिखे। उन्होंने पुलिस से संबंधित अन्य मामलों में भी प्राथमिकी दर्ज कर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया।

जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि पैसे की तंगी से किसी का भी इलाज नहीं रुकने दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि संबंधित मरीज के इलाज संबंधी इस्टीमेट की प्रक्रिया को पूर्ण कर इसे जल्द से जल्द शासन को उपलब्ध कराया जाए। इस्टीमेट मिलते ही इलाज के लिए धन अवमुक्त हो जाएगा। जनता दर्शन के दौरान कुछ महिलाओं संग पहुंचे उनके बच्चों को मुख्यमंत्री ने प्यार-दुलार और आशीर्वाद देते हुए चॉकलेट दिया। उन्हें खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान एक बच्चे से उसकी पढ़ाई को लेकर उन्होंने हंसी-ठिठोली भी की।

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साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।