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आरएलडी भी छोड़ सकती है इंडी गठबंधन, लगे कयास

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. पश्चिम बंगाल, बिहार के बाद अब इंडिया गठबंधन उत्तर प्रदेश में भी टूट के कगार पर दिख रहा है. खबर है कि आरएलडी और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन टूट सकता है. सूत्रों के हवालों से खबर मिल रही है कि आरएलडी विधायक दिल्ली बुलाए गए हैं. उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र खत्म होने के बाद आरएलडी के विधायक दिल्ली जाएंगे जहां, आरएलडी मुखिया जयंत चौधरी उनसे गठबंधन को लेकर चर्चा करेंगे.

सूत्रों के मुताबिक बीजेपी से आरएलडी ने कैराना, मथुरा, बागपत, अमरोहा और मुजफ्फरनगर सीट की मांग की है. बीजेपी और आरएलडी का मथुरा और मुजफ्फरनगर सीट पर पेंच सुलझते ही गठबंधन का आधिकारिक ऐलान भी हो सकता है. हालांकि बीजेपी तीन सीटें आरएलडी को देने को तैयार है. बीजेपी RLD को  कैराना, बागपत और अमरोहा देने को तैयार है. इसके अलावा आरएलडी को निगम बोर्ड, आयोग और मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है.

इस बात पर सपा से बिगड़ी बात
कहा जा रहा है कि आरएलडी की सपा से मुजफ्फरनगर, कैराना और बिजनौर सीट पर बात उलझी थी.  सपा कैराना, मुजफ्फरनगर और बागपत में अपने प्रत्याशी आरएलडी के सिंबल पर उतारने की बात कह रही थी. इसी बात पर दोनों के बीच बात बिगड़ी। गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी की तरफ से रालोद को 7 सीटें देने की बात कही गई है. हालांकि वे सीटें कौन सी हैं इस पर सस्पेंस बरक़रार है. रालोद में इस बात को भी लेकर नारजगी देखने को मिली थी.

रालोद ने बीजेपी से गठबंधन का किया खंडन
हालांकि, बीजेपी से गठबंधन को लेकर रालोद की तरफ से खंडन भी आया है. रालोद के राष्ट्रीय प्रवक्ता रोहित जाखड़ ने वीडियो मैसेज जारी कर कहा कि बीजेपी से गठबंधन की बात अफवाह है. उन्होंने कहा कि रालोद बीजेपी के खिलाफ लड़ाई लड़ता रहा है और लड़ता रहेगा. इंडिया गठबंधन के तहत जो सीट तय हुई हैं, उन पर गठबंधन की तरफ से रालोद चुनाव लड़ेगा.

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साभार : न्यूज़18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।