लोड हो रहा है...

उत्तर प्रदेश में अब पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा भी हुई स्थगित

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

लखनऊ. उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (UPPSC) की ओर से जारी कैलेंडर के अनुसार सम्मिलित राज्य / प्रवर अधीनस्थ सेवा एवं सहायक वन संरक्षक / क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा 2024 (UPPSC 2024 Prelims) का आयोजन 17 मार्च 2024 को राज्यभर में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर किया जाना है। इसके लिए एडमिट कार्ड आज यानी 7 मार्च 2024 को जारी किये जाने की संभावना थी जो अब जारी नहीं किये जायेंगे, क्योंकि आयोग की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर इस एग्जाम को स्थगित करने का फैसला लिया गया है।

पोस्टपोंड हो गया एग्जाम

यूपीपीएससी प्रीलिम एग्जाम जो 17 मार्च को होना था उसे जुलाई 2024 (संभावित) तक पोस्टपोंड कर दिया गया है। विभाग ने अपनी नोटिफिकेशन में बताया कि इस परीक्षा का अपरिहार्य कारणों से स्थगित किया जा रहा है। अब एग्जाम का आयोजन जुलाई में संभावित है।आपको बता दें कि पिछले वर्ष मई माह में परीक्षा का आयोजन किया गया था वहीं वर्ष 2022 में एग्जाम को एक बार पोस्टपोंड किया गया था। कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स पर इसी तिथि को शेयर कर यूपीपीएससी प्रीलिम एग्जाम को पोस्टपोंड होने की बात कही जा रही है। लेकिन अभी तक इसको लेकर कोई भी आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गयी है।

दो पालियों में आयोजित होगा एग्जाम

यूपीपीएससी की ओर से प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन अब जुलाई 2024 में किया जाना संभावित है और परीक्षा का आयोजन दो शिफ्ट में किया जाएगा। पहली शिफ्ट की परीक्षा सुबह 9.30 बजे से 11.30 बजे तक और दूसरी शिफ्ट की परीक्षा दोपहर 2.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक आयोजित की जानी है।

साभार : दैनिक जागरण

- Advertisement -

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www।amazon.in/dp/9392581181/

https://www।flipkart.com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।