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भारतीय पर्यटकों की संख्या में गिरावट से परेशान हुआ मालदीव

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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माले. द्विपक्षीय संबंधों में तनाव आने के बाद मालदीव में भारतीय पर्यटकों की संख्या में आई गिरावट से मालदीव सकते में आ गया है। अब द्वीप राष्ट्र के पर्यटन मंत्री ने भारतीयों से देश में घूमने आने का निवेदन कर देश की अर्थव्यवस्था में सहयोग करने का आह्वान किया। इस दौरान पर्यटन मंत्री ने भारत और अपने देश के ऐतिहासिक संबंधों पर भी जोर दिया।

भारतीयों ने मालदीव जाने का किया था बहिष्कार

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा गत छह जनवरी को अपने एक्स हैंडल पर प्राचीन लक्षद्वीप के फोटो व वीडियो साझा करने पर मालदीव के तीन मंत्रियों ने उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद भारतीयों ने मालदीव जाने का बहिष्कार कर दिया था।

भारतीयों का करेंगे गर्मजोशी से स्वागतः मालदीव

मालदीव के पर्यटन मंत्री इब्राहिम फैसल ने विशेष साक्षात्कार कहा कि हमारी नवनिर्वाचित सरकार भी भारत के साथ काम करना चाहती है। हम सदैव शांति और मैत्रीपूर्ण वातावरण को बढ़ावा देते हैं। हमारी सरकार और लोग भारतीय आगंतुकों का गर्मजोशी से स्वागत करेंगे। पर्यटन मंत्री होने के नाते मैं भारतीयों से कहना चाहता हूं कि वे कृपया मालदीव के पर्यटन हिस्सा बनें। हमारी अर्थव्यवस्था पर्यटन पर निर्भर करती है।

42 प्रतिशत की आई गिरावट

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गत वर्ष की तुलना में इस शुरुआती चार माह में भारत से आने वाले पर्यटकों की संख्या 42 प्रतिशत की गिरावट आई है। साल की शुरुआत में मालदीव आने वाले पर्यटकों में भारतीय शीर्ष पर थे, लेकिन कुछ ही समय में भारतीय पर्यटकों की संख्या छठे स्थान पर पहुंच गई।

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।