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भारतीय क्रिकेट टीम ने लिया जिम्बाब्वे से हार का बदला, सीरीज बराबर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. जिंबाब्वे के खिलाफ शनिवार को हरारे में शुरू हुई पांच मैचों की सीरीज के दूसरे टी20 मुकाबले में रविवार को हरारे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर टीम इंडिया की युवा ब्रिगेड ने मेजबानों का आइना दिखाते और कड़ा सबक सिखाते हुए उसे 100 रनों से रौंद दिया. जीत के साथ ही भारत ने सीरीज में 1-1 से बराबरी पर आते हुए पहले मैच में मिली शर्मनाक हार से गुस्साए करोड़ों फैंस को भी शांत करते हुए मैसेज दे दिया कि पहले मैच की हार बस दिन विशेष का मसला था. वास्तव में दूसरे टी20 में जिंबाब्वे की हार तभी तय हो गई थी, जब अभिषेक शर्मा (100) की अगुवाई में भारतीय बल्लेबाजों ने प्रचंड प्रहार लगाते हुए मेजबानों के सामने 235 रनों का विशाल लक्ष्य सामने रख दिया था. यहां से यही देखना बाकी था कि हार कितनी रनों से होती है. और दिन की समाप्ति पर यह पूरे सौ रन से हुई और टीम इंडिया ने जिंबाब्वे को बुरी तरह से पटक दिया. शतकवीर अभिषेक शर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार के लिए दूर-दूर तक कोई चैलेंज नहीं था.

जिंबाब्वे की ओर से ओपनर वेसली माधेवेरे (43) और निचले क्रम में ल्यूक जांग्वे (33) ही ऐसे बल्लेबाज रहे, जिन्होंने  पिच पर टिकने की मनोदशा दिकाई. उसके सात बल्लेबाज दो दहाई का भी आंकड़ा नहीं छू सके और बड़े स्कोर के दबाव में अंट-शंट स्ट्रोक खेलते रहे. बड़ा वार आवेश खान ने चौथे ओवर में किया, जब उन्होंने टीम के स्टार बल्लेबाज और कप्तान सिकंदर रजा (4) और मायर्स (0) को पांच गेंदों के भीतर चलकर उसकी मनोदशा पर जोरदार प्रहार किया, तो इसके बाद रवि बिश्नोई, वॉशिंगटन सुंदर का काम और आसान हो गया. भारत के लिए मुकेश खुमार और आवेश ने तीन-तीन, जबकि बिश्नोई ने दो और सुंदर ने एक विकेट लिया.

पहली पाली में भारतीय बल्लेबाजों ने पहले वनडे में मिली शर्मनाक हार का गुस्सा निकालते हुए जिंबाब्वे के सामने जीत के लिए 235 रनों का पहाड़ सा टारगेट दिया. टॉस जीतकर पहले बल्ला थामने के बाद भारत की शुरुआत खराब रही, जब कप्तान शुभमन गिल (2) सस्ते में निपट गए, लेकिन इसके बाद अभिषेक शर्मा (100) और ऋतुराज गायकवाड़ (नाबद 77) ने दूसरे विकेट के लिए 145 रन जोड़े. खासकर अभिषेक शर्मा ने बहुत ही तूफानी बल्लेबाजी करते हुए कई रिकॉर्ड अपनी झोली में डाले, तो नंबर चार पर बैटिंग के लिए उतरे रिंकू सिंह (नाबाद 48) ने पिछले काफी समय की भूख का प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया को कोटे के 20 ओवरों में 2 विकेट पर 234 का विशाल स्कोर दिलाने में अहम भूमिका निभाई.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।