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नेपाल से पानी छोड़े जाने के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार में कई जगह बाढ़ का खतरा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. नेपाल में भारी बारिश तबाही मचा रही है। नेपाल से आने वाली नदियों में तेजी से पानी बढ़ रहा है। इसी बीच नेपाल में बलरामपुर जिले के पास कुसुम बैराज के सभी फाटक को खोल दिया है। जिससे जिले की बुक राप्ती नदी में पानी का दबाव तेजी से बढ़ेगा और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

जानकारी के अनुसार, नेपाल में भारी बारिश के बाद बलरामपुर जनपद के तहत पढ़ने वाले कुसुम बैराज के सभी फाटक को इसलिए नेपाल ने खोल दिया क्योंकि पानी का इतना दबाव था कि बैराज भी जो है क्षतिग्रस्त हो जाता। देर शाम ही फाटक खोल दिया गया है। इससे बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और दो दिन में गोरखपुर जिले के कैंपियरगंज की करमैनी नदी में जलस्तर में एकाएक वृद्धि होने का अनुमान है। जिससे बात पर दबाव पड़ेगा और टूटने जैसे हालात उत्पन्न हो सकते हैं। इसके अलावा नेपाल से आने वाले जिले की अन्य नदियों में भी पानी का दबाव तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ का खतरा जिले में मडवाने लगा है।

नेपाल से भी पानी छोड़े जाने के कारण यूपी के श्रावस्ती में बाढ़ आ गई। बाढ़ में श्रावस्ती की 3 तहसील इकौना, जमुनहा और भिनगा के दर्जनों गांव डूब गए। राप्ती नदी अपने किनारों को तोड़कर चारों ओर तबाही मचा रही है। जिला प्रशासन बाढ़ में फंसे लोगों को निकालकर ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने में जुटा हुआ। नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण बिहार के कई जिलों में भी बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की संभावना है। इस दृष्टि से अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

साभार : अमर उजाला, न्यूज24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।