लोड हो रहा है...

15 अगस्त को अरविंद केजरीवाल की जगह आतिशी फहराएंगी तिरंगा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल वी के सक्सेना को पत्र लिखकर सूचना दी है कि 15 अगस्त को दिल्ली सरकार के स्वतंत्रता दिवस समारोह में कैबिनेट मंत्री आतिशी उनकी ओर से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगी. सीएम केजरीवाल मौजूदा समय में कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से संबंधित भ्रष्टाचार व धन शोधन के आरोपों के कारण तिहाड़ जेल में बंद हैं. अभी हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था.

AAP ने कहा, ‘केजरीवाल ने जेल से उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिखकर कहा है कि 15 अगस्त को उनकी जगह आतिशी तिरंगा फहराएंगी.’ हर साल दिल्ली सरकार का स्वतंत्रता दिवस समारोह छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित किया जाता है, जहां केजरीवाल आम तौर पर दर्शकों को संबोधित करते हैं. दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने आबकारी नीति मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी. कोर्ट ने फैसला सुनाया कि केजरीवाल की गिरफ्तारी के पीछे उचित कारण थे. जहां तक ​​उनकी जमानत याचिका का सवाल है, कोर्ट ने उसका निपटारा कर दिया और केजरीवाल को निचली अदालत से आगे की राहत मांगने की अनुमति दी.

सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे सीएम केजरीवाल

दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को सीएम केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे. पार्टी ने कहा, ‘केजरीवाल इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें ईडी की ओर से आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पहले ही अंतरिम जमानत दे दी है.’ इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी ने केजरीवाल के इस्तीफे की मांग की और कहा कि उनके पास मुख्यमंत्री बने रहने का कोई नैतिक आधार नहीं है. इससे पहले 12 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की ओर से दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केजरीवाल को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था. हालांकि, सीबीआई की ओर से गिरफ्तार किए जाने के बाद से वह जेल से बाहर नहीं आ पाए.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।