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कर्नाटक में बढ़ते डेंगू के मामलों को देखते हुए घोषित हो आपातकालीन स्थिति : भाजपा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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बेंगलुरु. कर्नाटक में डेंगू के मामलों में रोजाना वृद्धि हो रही है। इस बीच, कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने रविवार को सरकार से इसे ‘आपातकालीन स्थिति’ घोषित करने और जांच को निःशुल्क करने का आग्रह किया।

भाजपा नेता ने डेंगू के प्रसार की निगरानी और नियंत्रण के लिए अन्य उपायों के अलावा हर तालुक में एक टास्क फोर्स और एक नियंत्रण कक्ष स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। अशोक ने कहा, ‘जनवरी से राज्य में डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं, डेंगू के कारण दो बच्चों की मौत हो चुकी है और हर दिन डेंगू के कारण तीन से चार मौतों की खबरें आ रही हैं और यह दुखद है। पूरे राज्य में लोगों में डर है, लेकिन सरकार अभी भी नहीं डरी है।’

‘सौ नमूनों में से 13-14 प्रतिशत में डेंगू की पुष्टि’

यहां एक सरकारी अस्पताल का दौरा करने और संक्रमित मरीजों और डॉक्टरों से मिलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जांचे गए सौ नमूनों में से 13-14 प्रतिशत में डेंगू की पुष्टि हो रही है और ऐसी खबरें हैं कि सह-रुग्णता वाले लोगों में अधिक मौतें हो रही हैं।

‘राज्य में दो लाख से अधिक लोग डेंगू से संक्रमित’

भाजपा नेता ने कहा कि इसलिए डेंगू पर नियंत्रण महत्वपूर्ण है…..सरकार को हर तालुके में एक टास्कफोर्स का गठन करना चाहिए था, एक नियंत्रण कक्ष स्थापित करना चाहिए था, दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए थी, जो उन्होंने नहीं किया है। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें जो जानकारी मिली है उसके अनुसार राज्य में दो लाख से अधिक लोग डेंगू से संक्रमित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को जांच का खर्च वहन करना चाहिए। भाजपा नेता ने कहा, “जिस तरह से हमने कोविड के दौरान मुफ्त जांच की थी… मैं सरकार से तुरंत जांच मुफ्त करने का आग्रह करता हूं। जांच के लिए 600-1,000 रुपये लिए जा रहे हैं, गरीब लोग जांच नहीं करा पा रहे हैं।”

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।