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सेंसर बोर्ड ने कुछ संशोधनों के साथ कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी को दी हरी झंडी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी ट्रेलर रिलीज के बाद से ही विरोध का सामना कर रही है। लगातार सिख समुदाय की तरफ से हो रहे विरोध की वजह से फिल्म को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट भी नहीं मिल पाया है। फिल्म 6 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी लेकिन फिलहाल इसे टाल दिया गया है। हालांकि अब खबर आ रही है कि तीन कट के बाद फिल्म की रिलीज को हरी झंडी मिल गई है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने फिल्म को ‘UA’ सर्टिफिकेट दिया है। 3 कट के साथ इसमें कुल 10 बदलाव किए गए हैं।

इन सीन्स में की गई बदलाव की मांग

इतना ही नहीं कंगना रनौत की फिल्म में दिखाए गए विवादित बयानों पर भी मेकर्स से सेंसर बोर्ड ने फैक्ट्स और सोर्स की मांग की है। जिन सीन्स में बदलाव की मांग की गई है उनमें से एक सीन में राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन द्वारा भारतीय महिलाओं के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणी है। इसके अलावा विंस्टन चर्चिल की भारतीयों को खरगोशों की तरह प्रजनन करने वाले बताना शामिल है।

कंगना रनौत ने दी फिल्म पोस्टपोन की जानकारी

इससे पहले कंगना रनौत ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर फिल्म की रिलीज डेट के पोस्टपोन होने की जानकारी दी थी। कंगना ने लिखा- भारी मन से मैं यह घोषणा करती हूं कि मेरी निर्देशित फिल्म ‘इमरजेंसी’ स्थगित कर दी गई है। हम अब भी सेंसर बोर्ड से प्रमाणन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। नई रिलीज की तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी। आपकी समझ और धैर्य के लिए धन्यवाद।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।