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बिहार में चलते-चलते दो हिस्सों में बंटी मगध एक्सप्रेस

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. बिहार के बक्सर में उस समय अफरा-तफरी मच गयी जब चलती ट्रेन दो भागों में बंट गई. बताया जा रहा है कि यह घटना डुमरांव और रघुनाथ पूर स्टेशन के बीच टुड़ीगंज स्टेशन के पास हुई. इस घटना से जहां यात्रियों की जान हलक में अटक गई, वहीं रेल प्रशासन में भी हड़कंप मच गया. गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी तरह की जान-माल की क्षति नहीं हुई है. आज (रविवार, 8 सितंबर) बक्सर जिले में तुरीगंज और रघुनाथपुर रेलवे स्टेशनों के बीच नई दिल्ली से इस्लामपुर जा रही मगध एक्सप्रेस की कपलिंग टूट गई, जिससे ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई. घटना को लेकर पूर्व मध्य रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना तब हुई जब नई दिल्ली से इस्लामपुर जा रही मगध एक्सप्रेस (20802) की कपलिंग टूट गई, जिससे ट्रेन तुरीगंज और रघुनाथपुर रेलवे स्टेशनों के बीच दो हिस्सों में बंट गई.

बताया जा रहा है कि जिस वक्त घटना हुई, उस समय ट्रेन की रफ्तार 50 किमी. प्रति घंटा थी. हालांकि, गार्ड और लोको पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से बच गया. जैसे ही ट्रेन द हिस्सों में टूटी गार्ड ने तुरंत लोको पायलट को इसकी सूचना दी. इसपर ड्राइवर ने भी आनन-फानन में ट्रेन को रोक दिया. बताया जा रहा है कि हादसे में एसी कोच और स्लीपर कोच दोनों अलग अलग हो गए. हालांकि इसमें किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है. RPF प्रभारी ने बताया कि घटना में किसी के भी हताहत की सूचना नहीं है. हादसे को लेकर जांच शुरू कर दी गई है. कल यानी शनिवार (7 सितंबर) को मध्य प्रदेश में एक रेल हादसा हो गया था. दरअसल, यहां जबलपुर स्टेशन के पास इंदौर-जबलपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22191) के दो डिब्बे पटरी से उतर गए थे. हादसा उस वक्त हुआ था जब ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर 6 के पास पहुंच रही थी. पटरी से उतरे डिब्बे इंजन के ठीक पीछे थे. पटरी से उतरने की घटना प्लेटफॉर्म से करीब 50 मीटर दूर हुई. इस हादसे पर जबलपुर रेल मंडल के डीसीएम मधुर वर्मा ने बताया था कि ट्रेन का निर्धारित आगमन समय सुबह 5.35 बजे हुई. यह दुर्घटना सुबह 5.38 बजे हुई, जब ट्रेन जबलपुर स्टेशन पर प्रवेश करने वाली थी.

साभार : जी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।