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पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को दूसरे राज्यों में भी मिलेगी जेड श्रेणी की सुरक्षा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कोलकता. पश्चिम बंगाल में छह विधानसभा सीटों पर आज से कुछ ही दिनों बाद 13 नवंबर को उपचुनाव होना है। इन 6 विधानसभा सीटों में तालडंगरा, सिताई, नैहाटी, हरोआ, मेदिनीपुर और मदरीहाट सीट शामिल है। इस बर के उपचुनाव के मैदान में 42 उम्मीदवार ताल छोक रहे हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार खुफिया विभाग (IB) की रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य के बाहर भी सुरक्षा देने का फैसला लिया गया है। आईबी की रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय ने शुभेंदु की सुरक्षा बढ़ाने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद अब उन्हें बंगाल के अलावा दूसरे सभी राज्यों में भी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।

आपको जानकारी के लिए बताते चलें कि पश्चिम बंगाल में विपक्षी दल भाजपा और तृणमूल कांग्रेस आमने-सामने हैं। इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने तृणमूल नेता फिरहाद हाकिम के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत कर दी है। भाजपा ने महिला नेता के साथ अभद्र आचरण का आरोप लगाते हुए मांग की है कि हाकिम को पूरे पश्चिम बंगाल में प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। भाजपा ने चुनाव आयोग को इस संबंध में पत्र भी भेजा है। पार्टी ने कहा कि फिरहाद हाकिम का बयान आपत्तिजनक है और आगामी उपचुनाव को देखते हुए उन पर पाबंदी लगाई जाए।

यहां और जानिए शुभेंदु अधिकारी के बारे में

वर्तमान में नन्दीग्राम से विधानसभा चुनाव जीतकर ममता बनर्जी को हराया। 27 नवम्बर 2020 को शुभेंदु अधिकारी ने राज्य मन्त्रिपरिषद से त्याग दे दिया और इसके बाद 16 दिसम्बर को उन्होने विधानसभा से भी त्याग दे दिया। इसके बाद 17 दिसम्बर को उन्होने ममता बनर्जी को पत्र लिखकर तृणमूल की समस्त सदस्यता छोड़ दी। 2 मई 2021 विधानसभा सदस्य नन्दीग्राम से भारतीय जनता पार्टी से विजय हासिल की।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।