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मालदीव के राष्ट्रपति के खिलाफ विपक्ष पेश करेगा अविश्वास प्रस्ताव

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

माले. मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू की हालत खराब होती नजर आ रही है। चीन से गहरे रिश्ते और भारत विरोधी रूख अपनाने के चलते मोइज्जू अब अपने देश में ही घिरते जा रहे हैं। विपक्षी पार्टियां उनकी आलोचना कर रही हैं। भारत से पंगा लेना मालदीव को भारी पड़ने लगा है। जहां भारतीय पर्यटकों ने मालदीव से मुंह मोड़ लिया है, वहीं मोहम्मद मोइज्जू के खिलाफ विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारीकर रहा है।

मालदीव के संसदीय अल्पसंख्यक नेता अली अजीम ने अविश्वास प्रस्ताव लाने की मुहिम छेड़ दी है। अली अजीम ने कहा है कि मालदीव के लिए उसकी विदेश नीति मायने रखती है। भारत की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि :हम अपने पड़ोसी देशों के साथ स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम कभी नहीं चाहेंगे कि कोई भी पड़ोसी देश हमारी विदेश नीति से अलग-थलग पड़ा रहे।’ उन्होंने कहा कि मैंने अपने पार्टी के शीर्ष नेताओं से अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कही है।

चीन देने भारत को दे रहा ‘ज्ञान’

मोहम्मद मोइज्जू के चीन पहुंचने के बीच चीन ने भारत मालदीव के बीच हालिया तनातनी पर बयान दिया है। चीन ने भारत को बेमतलब का ‘ज्ञान’ देते हुए कहा है कि भारत को मालदीव के प्रति थोड़ा खुले दिल से पेश आना चाहिए। चीन ने अपने सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के हवाले से कहा कि उसने मालदीव से कभी नहीं कहा कि वह भारत का बहिष्कार करे।

तनाव के बीच क्या भारत आने वाले हैं मालदीव के राष्ट्रपति मोइज्जू?

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा, ‘हम मालदीव और भारत के बीच मैत्रीपूर्ण और सहयोगी संबंधों का भी सम्मान करते हैं।’ हम नई दिल्ली के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के लिए माले के महत्व से पूरी तरह से अवगत हैं।’ उधर, भारत और मालदीव के तनाव के बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राष्ट्रपति मुइज्जू भारत दौरे की योजना बना रहे हैं।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।