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दिल्ली के बाद आम आदमी पार्टी ने हरियाणा में भी तोड़ा कांग्रेस के साथ गठबंधन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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चंडीगढ़. लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आने के साथ ही इंडिया गठबंधन बिखरता नजर आ रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने साफ कर दिया है कि हरियाणा में वह कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेगी। आगामी विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतारने के लिए तैयार हैं। आप पार्टी हरियाणा के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा ने कहा कि कांग्रेस के साथ उनकी पार्टी का गठबंधन सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए था। विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी अकेले ही चुनाव लड़ेगी।

अनुराग ढांडा ने कहा “हरियाणा में हमारा गठबंधन सिर्फ लोकसभा चुनाव में था। आम आदमी पार्टी विधान सभा चुनाव में नब्बे की नब्बे सीटों पर अलग चुनाव लड़ेगी। इंडिया गठबंधन में रह कर हरियाणा पंजाब में बेहतर रिजल्ट आयाी, मगर हम कुरुक्षेत्र सीट पर कम मार्जन से हारे। पार्टी चंडीगढ़ में एक मीटिंग कर इसकी समीक्षा करेगी। चार लोकसभा सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार कम मार्जन से जीते। आप के बिना यह संभव नहीं था। आप पार्टी हरियाणा में तीसरे विकल्प के रूप में उभरी है। हमे एक सीट पर JJP,INLD,BSP से ज्यादा वोट मिले हैं। हरियाणा के विधान सभा चुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाएंगे और सभी सीटों पर आप उम्मीदवार उतारने के लिए तैयार है।

हरियाणा में पांच सीट जीती कांग्रेस

लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस ने हरियाणा में पांच सीटें जीतीं। वहीं, 2019 में पार्टी यहां खाता तक नहीं खोल पाई थी। पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने हरियाणा की सभी 10 सीटें जीती थीं, लेकिन 2024 में उसे पांच सीटों का नुकसान हुआ और इतनी ही सीटें कांग्रेस के खाते में चली गईं। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने हरियाणा में पांच-पांच सीटें जीतीं। ऐसे में इसी साल अक्टूबर के महीने तक होने वाले विधानसभा चुनाव काफी रोचक हो सकते हैं। विधानसभा चुनाव में बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच त्रिकोणीय लड़ाई होगी।

वहीं आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता गोपाल राय पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि उनकी पार्टी अकेले दिल्ली विधानसभा का चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस के साथ गठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए था।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।