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गायिका उषा उत्थुप के पति जानी चाको का दिल का दौरा पड़ने से निधन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. मशहूर गायिका उषा उत्थुप के पति जानी चाको (Usha Uthup Hu sband Jani Chacko Died) का निधन हो गया। सोमवार,  8 जुलाई को कोलकाता में उन्होंने अंतिम सांस ली। कार्डियक अरेस्ट उनके मौत की वजह बताई जा रही है। जानी चाको के निधन की खबर उनके परिवार वालो ने दी है।

टीवी देखने के दौरान आया अटैक

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 78 वर्षीय जानी चाको घर पर टीवी देख रहे थे तभी उन्हें बेचैनी महसूस हुई, इसके बाद जानी चाको को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टर्स ने बताया कि कार्डियक अरेस्ट की वजह से उनकी निधन हुआ है। उनका अंतिम संस्कार मंगलवार, 9 जुलाई को किया जाएगा।

उषा उत्थुप के दूसरे पति थे जानी

जानी चाको, उषा उत्थुप के दूसरे पति थे और म्यूजिक इंडस्ट्री से दूर अपना कारोबार संभालते थे। वो चाय के बागानों के बिजनेस से जुड़े हुए थे। दोनों पहली बार 70 के दशक की शुरुआत में फेमस नाइट क्लब ट्रिनकास में मिले थे। जानी चाको अपने पीछे उषा उत्थुप के साथ एक बेटा और बेटी छोड़ गए हैं। उषा उत्थुप की शादी पहले दिवंगत रामू से हुई थी।

नाइट क्लब से शुरू किया करियर

उषा उत्थुप बॉलीवुड की मशहूर गायिका हैं। हिंदी के साथ उन्होंने कई अलग- अलग भाषाओं में गाने गाए हैं। उषा उत्थुप ने अपने संगीत करियर की शुरुआत 1969 में चेन्नई के एक छोटे से नाइट क्लब से की थी। अपनी दमदार आवाज की वजह से उन्हें खूब पॉपुलैरिटी मिली और देशभर में कई बड़े नाइट क्लब्स में गाने का मौका मिला। इस दौरान दिल्ली के एक नाइट क्लब में दिवंगत अभिनेता देव आनंद की नजर उषा उत्थुप पर पड़ी। इसके बाद उन्होंने उषा उत्थुप को 1971 में आई फिल्म हरे रामा हरे कृष्णा से बॉलीवुड डेब्यू करने का मौका दिया।

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।