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एयरपोर्ट के बाहर से 65 लाख के सोने के साथ 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

अहमदाबाद. तस्करों का दिमाग कैसे काम करता है वह तो हम नहीं जानते है लेकिन इतना जरूर पता है कि इंपॉसिबल शब्द उनकी डिक्शनरी में है ही नहीं। कभी-कभी वह लोग कुछ ऐसा कर जाते हैं जिसके बारे में हम सोच भी नहीं सकते। देश के एयरपोर्ट की कोई भी स्कैनर मशीन उनको पकड़ नहीं सकती है। अब ताजा मामला गुजरात के सूरत एयरपोर्ट से सामने आया है। सूरत SOG ने एयरपोर्ट के बाहर से 65 लाख के सोने के साथ 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो पेस्ट बनाकर सोने की स्मगलिंग करते थे।

खुफिया जानकारी के आधार पर हुई कार्रवाई

सूरत ऑपरेशन ग्रुप पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कपल द्वारा दुबई से बड़े पैमाने पर सोने की स्मगलिंग होती है। दुबई से सोना सूरत एयरपोर्ट आता है। इस जानकारी के बाद SOG टीम ने ध्यान रखना शुरू कर दिया। एसओजी टीम को पता चला कि सूरत के जहांगीरपूरा इलाके में सोने की डिलीवरी करने वाले हैं। फौरन एसओजी टीम ने रंगेहाथ पकड़ लिया। बैग की तलाशी ली तो पहले तो उसमें कुछ नहीं मिला। इसके बाद सभी को थाने ले जाकर कड़ी पूछताछ की और फिर से तलाशी ली तो पुलिस भी चौंक गई।

बैग के अंदर लेयर के अंदर बनाई थी दूसरी लेयर

तस्करों ने बैग के अंदर की लेयर के पीछे एक दूसरी लेयर बनाई थी। बैग के अंदर रेकजिन में एक खास केमिकल का छिड़काव किया गया था। केमिकल की वजह से एयरपोर्ट पर लगे मेटल डिटेक्टर भी उनको पकड़ नहीं सकते है जिससे गोल्ड भी नहीं पकड़ा जाता है। पुलिस ने बैग फाड़कर देखा तो उसमें 924 ग्राम सोना मिला जिसकी कीमत करीब 64 लाख रुपये है। पुलिस ने दुबई से गोल्ड लाने वाली एक महिला, एक पुरुष, सोने की डिलीवरी लेने आया शख्स और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।