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गणेश प्रतिमा पर पथराव करने के आरोप में अब तक 33 गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

गांधीनगर. गुजरात के सूरत शहर में गणपति उत्सव के दौरान तनाव फैल गया। दरअसल, बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने कथित रूप से एक पंडाल में पथराव किया। इस वजह से भगवान गणेश की मूर्ति को नुकसान पहुंचा। रविवार देर रात सैयदपुरा में हुई इस घटना के सिलसिले में पुलिस ने कुछ नाबालिगों को हिरासत में लिया। इसके बाद करीब 300 लोगों ने लालगेट थाने का घेराव किया। उन्होंने अपने समुदाय के लोगों के खिलाफ कार्रवाई का विरोध किया। इस दौरान हालात बेकाबू हो गए।

कैसे भड़की हिंसा?

पुलिस के मुताबिक, एक ऑटोरिक्शा में सवार कुछ उपद्रवियों ने गणेश पंडाल में पत्थर फेंके। इससे मूर्ति खंडित हो गई। पुलिस ने इस सिलसिले में कुछ नाबालिगों को हिरासत में लिया। उन्हें लालगेट थाने लाया गया। सूरत के पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि जब भीड़ ने अपने समुदाय के लोगों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में थाने का घेराव किया तो दो समूहों ने एक दूसरे पर पथराव करना शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। एक पुलिस के वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। हालात बेकाबू होता देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले छोड़े। उन्होंने कहा कि हमारे पास सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग हैं। इससे सभी की पहचान कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया?

पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें गैरकानूनी तरीके से एकत्र होना, किसी भी वर्ग के धर्म का अपमान करने के इरादे से पूजा स्थल को नुकसान पहुंचाना या अपवित्र करना और किसी भी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य करना शामिल है। पुलिस के मुताबिक, हिंसा में शामिल लोगों पर दंगा फैलाने, गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने आदि के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

अब तक कितनों पर हुई कार्रवाई?

इन घटनाओं के सिलसिले में अब तक 33 लोगों को हिरासत में लिया गया है। दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

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सरकार ने क्या किया?

गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटना स्थल का दौरा किया। उन्होंने लोगों से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया। सांघवी ने कहा कि शहर के शांति और सौहार्द्र में खलल डालने वाले हर व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाएगा। किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।