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पाकिस्तान के क्वेटा में बड़ा धमाका होने से 25 की मौत, 30 घायल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

इस्लामाबाद. पाकिस्तान एक बार फिर से बड़े धमाके से दहल (Pakistan Bomb Blast) गया है. क्वेटा में धमाका होने की जानकारी सामने आई है. इस धमाके में 25 से ज्यादा लोगों की मौत और 30  के करीब लोगों के घायल होने की खबर है. पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, ये बम धमाका क्वेटा रेलवे स्टेशन के पास हुआ है. ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचने से कुछ समय पहले ही बम विस्फोट हो गया. धमाके के समय प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भारी भीड़ थी. इस घटना में बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने का अंदेशा है.

रेलवे स्टेशन के पास धमाका, कई मौतें

धमाके की जानकारी मिलते ही पुलिस और बचावकर्मी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए. बड़ी संख्या में मौतों और घायलों को देखते हुए क्वेटा के अस्पताल में इमरजेंसी लागू कर दी गई है. वहीं डॉक्टर्स के साथ ही एक्स्ट्रा स्टाफ बुलाया गया है.  घायलों का इलाज लगातार जारी है. रेलवे अधिकारियों के हवाले से सामने आई खबर के मुताबिक सुबह 9 बजे जाफर एक्सप्रेस पेशावर के लिए रवाना होनी थी. धमाके की वजह ट्रेन प्लेटफॉर्म पर नहीं पहुंची.

बढ़ सकता है मरने वालों का आंकड़ा

घायलों में कई लोगों की हालत गंभीर है.  इसे देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा है कि मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है.पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, धमाका रेलवे स्टेशन के बुकिंग कार्यालय में हुआ. धमाका किस वजह से हुआ इसकी अब तक तोई जानकारी सामने नहीं आई है. धमाका होने के कारण की जांच की जा रही है.

पिछले दिनों हुए धमाके में हुई थी 7 की मौत

पाकिस्तान में नवंबर की शुरुआत में भी बड़ा धमाका हुआ था.  बलूचिस्तान इलाका एक बड़े बम धमाके से दहल गया था. इस धमाके में 5 स्कूली बच्चों समेत 7 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं 22 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. घायलों को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जानकारी के मुताबिक, बम धमाका रिमोट की मदद से किया गया था. एक बार फिर से बम धमाका हुआ है.

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साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।