लोड हो रहा है...

सुप्रीम कोर्ट ने शंभू बॉर्डर खोलने की याचिका को किया खारिज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

नई दिल्ली. किसानों के प्रदर्शन के चलते बंद शंभू बॉर्डर को खोलने के लिए लगाई गई याचिका सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। SC ने कहा कि इस तरह के मामले पहले ही कोर्ट में चल रहे हैं, फिर बार-बार क्यों इस तरह की याचिका दाखिल की जा रही हैं। कोर्ट ने आगे कहा कि याचिका दाखिल करने से ऐसी धारणा बन रही है कि यहां कोई व्यक्ति केवल लोगों को दिखाने के लिए और प्रचार के लिए मुकदमे करने के लिए आया है। आप पहले से चल रही याचिका में सहयोग करना चाहते हैं तो आपका स्वागत है।

याचिका जालंधर के रहने वाले गौरव लूथरा ने लगाई थी। उन्होंने मांग की थी कि केंद्र सरकार के साथ हरियाणा और पंजाब की राज्य सरकारों को आदेश दिया जाए कि शंभू बॉर्डर समेत उन सभी स्टेट-नेशनल हाईवेज को ट्रैफिक के लिए खोला जाए, जो किसानों की वजह से बंद किए गए हैं। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका चल रही है। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने एक कमेटी बनाकर किसानों और सरकार से बातचीत कर मध्यस्थता करने को कहा था। हालांकि अभी तक कोई हल नहीं निकला। वहीं, किसानों की आगे की रणनीति पर किसान नेता सरवण पंधेर ने कहा- कल 10 दिसंबर को कोई जत्था दिल्ली रवाना नहीं होगा। भारत सरकार अपने आप में कन्फ्यूज चल रही है। यह देश के हित में नहीं है।

1.हरियाणा प्रशासन को समय दिया कल राजपुरा में हरियाणा पुलिस प्रशासन से मीटिंग हुई थी। उन्होंने हमसे एक दिन का समय मांगा था। इसलिए हम उनको समय देंगे। कल खनौरी भी नहीं जा पाए थे। ऐसे में हम खनौरी भी जाएंगे। वहां जाकर मीटिंग करेंगे। कल हमारा जत्था दिल्ली कूच नहीं करेगा।

2. दहशत जैसा माहौल बनाया जा रहा हरियाणा का प्रशासन कह रहा है कि आप (किसान) हरियाणा के लॉ ऑर्डर के लिए खतरा हैं। उन्होंने इंटरनेट बंद कर दिया। खनौरी व डबवाली बॉर्डर पर फोर्स लगा दी गई। यह दहशत जैसा माहौल बनाने की क्या जरूरत है?

- Advertisement -

3. भाजपा के मंत्री आपस में सलाह कर बोलें केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्‌टू कहते हैं कि दिल्ली पैदल जाएं, आपका स्वागत करेंगे। हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज बोल रहे हैं कि इस तरह आएंगे तो पुलिस ऐसे ही स्वागत करेगी। कृषि मंत्री का बयान है कि पैदल जाने वालों को रोकेंगे नहीं। इन्हें पहले सलाह मशविरा करना चाहिए कि कहां पर हां करनी है और कहां पर नहीं।

डल्लेवाल से मिले पंजाब पुलिस के अधिकारी उधर, खनौरी बॉर्डर पर कल (10 दिसंबर) को सारे किसान भूख हड़ताल पर रहेंगे। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का मरणव्रत कल 15वें दिन में दाखिल होगा। आज डल्लेवाल से मिलने के लिए पंजाब पुलिस के अधिकारी पहुंचे। काफी दिनों से भूखे रहने के कारण डल्लेवाल की सेहत काफी बिगड़ गई है।

हरियाणा पुलिस ने बैरिकेडिंग उखाड़ने का वीडियो जारी किया 8 दिसंबर को शंभू बॉर्डर से 101 किसानों ने दिल्ली कूच करने की कोशिश की थी। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर और वाटर कैनन का इस्तेमाल कर किसानों को खदेड़ दिया। इसमें 8 किसान घायल हो गए। इसके बाद हरियाणा पुलिस ने किसानों के बैरिकेडिंग उखाड़ने की कोशिश का वीडियो जारी कर दिया। जिसमें किसान बैरिकेड पर लगी जाली को उखाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसी कोशिश के बाद पहली बार आंसू गैस के गोले दागे गए थे।

साभार : दैनिक भास्कर

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

- Advertisement -

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।