लोड हो रहा है...

सपा प्रत्याशी भीम निषाद का नोटों की गड्डियां बांटते वीडियो वायरल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

लखनऊ. 19 अप्रैल से लोकसभा चुनाव 2024 शुरू होने वाले हैं. सभी सियासी पार्टी ज़ोर-शोर से चुनाव प्रचार में जुटी है. चुनाव से पहले कई प्रत्याशियों की वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है. कोई प्रत्याशी कार की छत पर बैठकर स्टंट कर जनसंपर्क कर रहा है, तो कोई प्रत्याशी वियर और व्हिस्की फ्री बटवाने के वादे कर रहा है. अब इस लिस्ट में सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी भीम निषाद भी शामिल हो गए है, इन दिनों वह लोगों के बीच काफी सुर्खियों में आ गए है. दरअसल, सपा कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी भीम निषाद की सुर्खियों में आने की वजह है कि वह खुलेआम नोटों की गड्डियां सुल्तानपुर इसौली विधायक ताहिर खान को देने की कोशिश कर रहे हैं. नोटों की गड्डी देते वक़्त की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.

नोटों की गड्डी बाटते वीडियो वायरल
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी भीम निषाद विधायक ताहिर खान को नोटों की गड्डी पकड़ा रहे हैं तभी विधायक तौहीर सामने कैमरा देख लेते हैं और वह नोटों की गड्डी को लेने से बचते दिख रहे हैं. वायरल वीडियो दो से तीन दिन पुराना बताया जा रहा है.

क्या बोले इंडिया गठबंधन प्रत्याशी भीम निषाद? 

सपा प्रत्याशी भीम निषाद ने खुलेआम नोटों की गड्डी देने के मामले में सफाई देते हुए कहा कि हम नहीं जनता पैसा दे रही थी, हम लोगों ने पैसा देने के लिए मना किया, उसी में किसी ने वीडियो बना लिया. उन्होंने आगे कहा न हमारी गलती, न माननीय विधायक की गलती, जनता लोकतंत्र बचाने के नाम पर पैसा दे रही थी. हम लोग पैसा नहीं बल्कि वोट मांग रहे थे. बता दें, भीम निषाद सुल्तानपुर लोकसभा से इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी हैं.

- Advertisement -

साभार : न्यूज18

फेसबुक पेज : https://www.facebook.com/profile.php?id=61558434413602

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।