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जयंत चौधरी ने छोड़ा इंडी गठबंधन का साथ, की एनडीए में शामिल होने की घोषणा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

लखनऊ. बिहार के बाद यूपी में भी लोकसभा चुनाव से पहले INDI गठबंधन को बड़ा झटका लगा है। राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि उनकी पार्टी ने NDA में शामिल होने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि हमने अपने सारे विधायकों और कार्यकर्ताओं से बात कर ली है। हमने एनडीए के साथ जाने का फैसला किया है।

जयंत ने क्या कहा?

जयंत ने ये भी कहा है कि चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से नवाजा जाना मेरे और मेरे परिवार समेत किसान समुदाय के लिए बहुत बड़ा सम्मान है। विधायकों की नाराजगी पर जयंत ने कहा कि सभी से बातचीत के बाद ये फैसला लिया गया है। सियासत के जानकारों का कहना है कि जयंत की पार्टी के एनडीए के साथ आने से पश्चिमी यूपी में चुनावी समीकरणों पर बड़ा असर पड़ेगा।

पश्चिमी यूपी का क्या है सियासी गणित?

पश्चिमी यूपी में किसान, जाट और मुस्लिम वोट बैंक काफी ज्यादा है। यहां लोकसभा की कुल 27 सीटें हैं, जिसमें 2019 के चुनाव में आरएलडी को एक भी सीट हासिल नहीं हुई थी लेकिन बीजेपी ने 19 सीटों पर जीत पाई थी। सपा और बसपा के खाते में 4-4 सीटें आई थीं। अगर 2014 के लोकसभा चुनावों की बात करें तो उस दौरान भी आरएलडी को एक भी सीट नहीं मिली थी।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।