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अकाली दल को छोड़कर पत्नी परमपाल सहित भाजपा में शामिल हुए गुरप्रीत सिंह

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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चंडीगढ़. पूर्व अकाली मंत्री सिकंदर सिंह मलूका के बेटे गुरप्रीत सिंह मलूका शिअद को छोड़ कर अपनी पत्नी परमपाल कौर मलूका सहित भाजपा में शामिल हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, उन्होंने आज नई दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

गुरप्रीत सिंह मलूका शिअद से काफी खफा चल रहे थे। क्योंकि 2022 के विधानसभा चुनाव में शिअद द्वारा उनको रामपुरा फूल से टिकट नहीं दिया गया। पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका भी शिअद से काफी खफा रहे थे। क्योंकि पहले शिअद द्वारा उनको मौड़ हल्के का इंचार्ज लगा दिया गया था।

रामपुरा फूल से टिकट मांग रहे थे मलूका

इसके चलते उन्होंने मौड़ में अपनी गतिविधियां बढ़ा दी थी। लेकिन चुनाव के समय उनको रामपुरा से ही टिकट दिया गया। जबकि वह खुद के लिए मौड़ से तो बेटे गुरप्रीत मलूका के लिए रामपुरा फूल से टिकट मांग रहे थे। लेकिन शिअद ने उनके बेटे को टिकट नहीं दिया।

बादल ने भी की मनाने की कोशिश

विधानसभा चुनाव में तो वे शिअद के साथ रहे लेकिन अब लोकसभा चुनाव में वे शिअद प्रधान से नहीं माने। हालांकि सुखबीर सिंह बादल द्वारा उनको मनाने की कोफी कोशिशें की गई थी। लेकिन उनको मना नहीं पाए। इस संबंध में पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने कहा कि अज्जकल दे जवाक केहड़ा मन्नदे ने जी। मैं तां ओहनां नूं केहा सी कि रहन दियो की करोंगे जा के। चलो ओहनां दी मर्जी एै।

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।