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पीओके में भारत विलय की मांग को लेकर और मानवाधिकार उल्लंघन के खिलाफ प्रदर्शन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लोगों ने पाकिस्तान पुलिस और प्रशासन की क्रूरता के खिलाफ विद्रोह कर दिया है. पुलिस यहां प्रदर्शनकारियों की आवाज दबाने के लिए उनपर लाठीचार्ज के साथ फायरिंग तक कर रही है. पुलिस प्रशासन के इस हिंसक दमनचक्र में एक आम नागरिक की मौत हो गई. वहीं गुस्साई भीड़ एक पुलिस अधिकारी की पीट-पीटकर हत्‍या कर दी. मुजफ्फराबाद और रावलकोट में स्थानीय लोगों की पुलिस अधिकारियों के साथ झड़प की कई घटनाएं सामने आई हैं. PoK के ताजा घटनाक्रम से परिचित अधिकारियों ने बताया कि हालिया विरोध प्रदर्शन और उनके हिंसक दमन से संकेत मिलता है कि पाकिस्तान उस इलाके पर अपनी पकड़ खोता जा रहा है, जिस पर उसने दशकों से अवैध तरीकों से कब्जा कर रखा है. उन्होंने यह भी बताया कि यहां रावलकोट में कई ऐसे पोस्टर भी चिपके दिखे, जिसमें भारत में विलय की मांग की गई है.

PoK में इन प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले छोड़ने के बाद लोगों का गुस्सा और भड़क गया और इस विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया. ऊपर बताए गए अधिकारी ने बताया, ‘पाकिस्तान पीओके पर अपनी पकड़ खो रहा है और वह भारत का हिस्सा बनने के करीब पहुंच गया है. (वहां) पीओके में बड़े विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और एक सैन्य खुफिया वाहन को भी (प्रदर्शनकारियों द्वारा) नष्ट कर दिया गया.’ इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत जम्मू कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी द्वारा की गई थी. कमेटी ने पाकिस्तान सरकार द्वारा फरवरी में हुए समझौते का पालन नहीं किए जाने पर पूरे इलाके में ‘शटर डाउन और चक्का जाम’ का आह्वान किया था. कमेटी बिजली बिलों पर लगाए गए ‘अन्यायपूर्ण’ टैक्स का विरोध कर रही है. इसने अगस्त 2023 में भी टैक्स को लेकर हड़ताल किया था. उनकी मांग है कि लोगों को जल विद्युत की उत्पादन लागत के हिसाब से बिजली प्रदान की जानी चाहिए.

हालांकि यह विरोध प्रदर्शन अब पीओके के कई जिलों में फैल गया है और लोग पाकिस्तान पुलिस की बर्बरता और मानवाधिकार उल्लंघन के खिलाफ सड़कों पर उतर आए. अधिकारियों ने कहा कि यह ताजा विरोध प्रदर्शन दो नाबालिग लड़कियों की मौत के कारण और उग्र हो गया. यहां लाठीचार्ज और आंसू गैस के संपर्क में आने से इन दोनों लड़कियों की मौत हो गई थी. इससे नाराज लोगों ने 10 जिलों ने मानवाधिकार उल्लंघन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है. इसे लेकर अधिकारी ने कहा, ‘कश्मीरियों के साथ पाकिस्तान की खोखली एकजुटता उजागर हो गई है.’ उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागने का आदेश जारी करने के बाद पीओके के सहायक आयुक्त की स्थानीय लोगों ने पिटाई कर दी.

साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।