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दिल्ली मेट्रो की दीवारों पर फिर लिखे मिले खालिस्तान समर्थक के नारे

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. देशभर में लोकसभा चुनावों को लेकर तेजी से तैयारियां चल रही हैं. चुनावी मौसम के कारण देश में माहौल गर्माया हुआ है. इसी बीच दिल्ली के करोलबाग और झंडेवालान मेट्रो स्टेशन के नीचे खालिस्तान समर्थन नारे लिखे मिले हैं. मामले की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस ने मामले का जांच शुरू कर दी है. आपको बता दें कि ये पहली बार नहीं है कि दिल्ली की दीवारों पर इस तरह के नारे लिए गए हो. इससे पहले भी इस तरह की घटना हो चुकी है.

इस पूरे मामले की जिम्मेदारी अमेरिका में बैठे खालिस्तानी आतंकी गुरुपवंत सिंह पन्नू ने ली है.  जिसके बाद मेट्रो पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. वहीं देश विरोधी इन नारों को दीवारो से मिटा दिया गया है.  पुलिस इलाकों के अलग-अलग जगहों पर सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है.

कौन है गुरुपवंत सिंह पन्नू जिसने मामले की जिम्मेदारी ली?

दिल्ली के मेट्रो स्टेशन पर जो खालिस्तानी नारे लगे हैं इसकी पूरी जिम्मेदारी गुरुपवंत सिंह पन्नू नाम के इंसान ने ली है. आपको बता दें कि अमेरिका में गुरुपवंत सिंह की हत्या की कोशिश लंबे समय से की जा रही है. इसी को लेकर भारत पर भी आरोप लगाया है कि हत्या की साजिश भारत ने की है. इन सब के बाद भारत ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. इस मामले में रूस ने भारत का साथ देते हुए कहा है कि अमेरिका के पास भारत के खिलाफ कोई भी सबूत नहीं है.

आपको बता दें कि 26 जनवरी के आसपास दिल्ली की दीवारों पर पहले भी खालिस्तान के समर्थन में नारे लगाए गए थे. ये नारे सरकारी स्कूल की दीवार पर लिखे गए थे. जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इन नारों को हटवा दिया था. वहीं एक बार फिर पुलिस के सामने ऐसा मामला सामने आया है. इस बार आरोपियों ने करोलबाग और झंडेबालान मेट्रो स्टेशन को चुना है.

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साभार : इंडिया न्यूज़पोर्टल

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।