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फर्जी निकली दिल्ली के एयरपोर्ट और अस्पतालों को बम से उड़ाने की धमकी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. दिल्ली में आज फिर से धमकी भरे ईमेल आए हैं। अस्पताल से लेकर IGI एयरपोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। डीएफएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बम की यह धमकियां इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनल-3, बुराड़ी अस्पताल, संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल, गुरु तेग बहादुर अस्पताल, बाड़ा हिंदू राव अस्पताल, जनकपुरी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल, दादा देव अस्पताल और सिविल लाइंस में अरुणा आसफ अली सरकारी अस्पताल को मिलीं हैं।

जैसे ही IGI एयरपोर्ट को धमकी भरा ईमेल मिला तो उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पहुंची एयरपोर्ट की तलाशी ली हालांकि वहां उन्हें कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। बता दें IGI एयरपोर्ट को दोपहर तीन बजे ईमेल मिला था।डीसीपी उषा रंगनानी ने बताया कि आईजीआई हवाई अड्डे पर सुरक्षा संचालन नियंत्रण केंद्र को परिसर के भीतर एक विस्फोटक वस्तु के संबंध में एक धमकी भरा ईमेल मिला है। उन्नत सुरक्षा प्रोटोकॉल अब प्रभावी हैं, और सुरक्षा उपाय तेज कर दिए गए हैं। कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फिलहाल कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। कृपया शांत रहें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।

दिल्ली में आज कहां- कहां मिला बम का धमकी भरा ईमेल

  • मंगोलपुरी के संजय गांधी अस्पताल
  • बुराड़ी के सरकारी अस्पताल
  • दिल्ली के IGI एयरपोर्ट
  • डाबरी के दादा देव अस्पताल
  • DDU और GTB अस्पताल और एन्क्लेव

राजीव गांधी अस्पताल और बुराड़ी के सरकारी अस्पताल के बाद 12 मई को दोपहर करीब 3.30 बजे जीटीबी अस्पताल, जीटीबी एन्क्लेव में बम होने की अफवाह वाला मेल मिला है। अस्पताल के अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस को उस मेल के बारे में सूचित किया. पुलिस तुरंत हरकत में आई और अस्पताल में बम निरोधक दस्ते को बुलाया और जीटीबी अस्पताल और दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान (जीटीबी अस्पताल के परिसर में स्थित) की जांच कराई। कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।