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ईरान के परमाणु रिएक्टर सहित कई संस्थानों पर हुआ साइबर हमला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

तेहरान. इजरायल पर 1 अक्टूबर को ईरान की ओर से भयानक मिसाइल अटैक के बाद से लगातार गंभीर सैन्य तनाव बना हुआ है. इस हमले के बाद इजरायल ने सही वक्त आने पर ईरान को करारा देने का ऐलान किया था. इस मिसाइल हमले के 11 दिनों बाद आज ईरान से बड़ी खबर सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की न्यूक्लियर ठिकानों समेत कई संस्थानों पर एक साथ बड़े पैमाने पर साइबर अटैक हुए हैं. इन अटैक से ईरान की व्यवस्था चरमरा कर रह गई है. इसे ईरान पर इजरायली हमले का पहला कदम माना जा रहा है.

ईरान ने दुनिया को दी जानकारी

ईरान इंटरनेशनल के मुताबिक, ईरान की सुप्रीम काउंसिल ऑफ साइबरस्पेस के पूर्व सचिव फिरोजाबादी ने दुनिया को इन हमलों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि देश की न्यूक्लियर साइट्स, सरकार, न्यायपालिका और सेना समेत सभी सेवाएं इन साइबर अटैक की जद में आई हैं. इसके चलते कई संस्थाओं का डेटा भी रहस्यमय ढंग से चोरी हो गया है.

फिरोजाबादी ने बताया कि इन साइबर अटैक से ईरान की परिवहन सेवाओं, बंदरगाह संचालन, फ्यूल स्टोरेज और डिस्ट्रिब्यूशन पर भी बड़ा असर पड़ा है. पूरे देश के अहम संस्थानों पर इसका असर देखने को मिल रहा है. इन साइबर अटैक से निपटने में देश के वैज्ञानिक लगे हुए हैं. सेवाओं को रिस्टोर करने की कोशिश की जा रही है. साथ ही चोरी हुए डेटा के बारे में आकलन किया जा रहा है.

क्या इजरायल ने किया हमला?

ईरान पर यह बड़ा साइबर अटैक किसने किया, यह अभी स्पष्ट नहीं है. लेकिन माना जा रहा है कि यह हमला इजरायल ने ही किया है. इसके जरिए उसने एक बार ईरानी शासकों को संदेश दिया है कि वह जब चाहे, जैसे चाहे ईरानी व्यवस्था को पंगु बनाकर रख सकता है. हालांकि इसमें किसी की जान नहीं गई है, लिहाजा माना जा रहा है कि यह इजरायल के बड़े हमले से पहले का एक ट्रायल मात्र था. जबकि बड़ा हमला निकट भविष्य में कभी भी हो सकता है.

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ईरान- इजरायल में क्यों ठनी?

बता दें कि इजरायल के दक्षिण हिस्सों पर हमास के आतंकियों ने पिछले साल 7 अक्टूबर को बड़ा हमला कर 1200 निर्दोष लोगों को बेहद क्रूरतापूर्वक मार डाला था, साथ ही करीब ढाई सौ लोगों को अगवा कर गाजा पट्टी ले गए थे. अपने नागरिकों की हत्या का बदला लेने के लिए जब इजरायल ने हमास आतंकियों के खिलाफ अभियान शुरू किया तो उसके फेवर में लेबनान के हिजबुल्लाह आतंकियों ने इजरायल पर हमले बोलने शुरू कर दिए.

प्यादों की मौत से बौखलाया ईरान

लेकिन दुश्मनों की संख्या से डरे बिना पहले इजरायल ने ईरान में कोवर्ट ऑपरेशन करवाकर हमास मुखिया इस्माइल हानिये को मरवाया. इसके बाद लेबनान की राजधानी बेरूत में सटीक बमबारी कर हिजबुल्ला चीफ हसन नसरल्लाह को उसके ही गढ़ में ढेर कर दिया. अपने प्यादों को मरते देख बौखलाए ईरान ने 1 अक्टूबर को इजरायल पर करीब ढाई सौ बैलिस्टिक मिसाइलों की बरसात कर दी थी. जिस पर इजरायल ने भी ईरान से बदला लेने की चेतावनी दे रखी है.

साभार : जी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।