लोड हो रहा है...

बांग्लादेश में दुर्गा पूजा पंडाल पर फेंका गया पेट्रोल बम

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

ढाका. बांग्लादेश में हिन्दू समुदाय के लोगों के लिए दुर्गा पूजा उत्सव मनाना भी मुश्किल हो रहा है. यहां इस दौरान हिंसा और लड़ाई-झगड़े की कम से कम 35 घटनाएं सामने आई है, जिसे लेकर हिन्दुओं में डर का माहौल है. हिंसक वारदातों के सिलसिले में पुलिस ने 17 लोगों को गिरफ्तार किया और 12 से अधिक केस दर्ज किए गए हैं. इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के मुताबिक, ढाका में शुक्रवार को कुछ अज्ञात लोगों ने दुर्गा पूजा पंडाल पर पेट्रोल बम फेंका गया. यह घटना बांग्लादेश की राजधानी के ताती बाजार इलाके की बताई जा रही है. वहीं एक अल्पसंख्यक अधिकार समूह ने भी एक्स पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें एक घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाया जा रहा है.

दुर्गा पूजा पंडाल में इस्लामी क्रांति का गीत

वहीं ‘बीडीन्यूज24 डॉट कॉम’ ने बताया कि गुरुवार को करीब छह लोगों ने ढाका से लगभग 250 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में चटगांव के जात्रा मोहन सेन हॉल में एक दुर्गा पूजा मंडप के मंच पर इस्लामी क्रांति का आह्वान करते हुए एक गीत गाया, जिससे वहां काफी गुस्सा फैल गया. इससे पहले यहां सतखीरा जिले में देवी काली के मंदिर से सोने का एक मुकुट चोरी हो गया था. यह मुकुट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गिफ्ट में दिया था. भारत ने इन घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है.

हिंसा में 17 लोग गिरफ्तर, 11 केस दर्ज

उधर ढाका ट्रिब्यून अखबार ने पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) मोहम्मद मोइनुद्दीन इस्लाम के हवाले से बताया, ‘1 अक्टूबर से अब तक देश भर में चल रहे दुर्गा पूजा समारोहों से संबंधित 35 घटनाएं हुई हैं, जिसमें 11 मामले दर्ज किए गए हैं, 24 सामान्य डायरी (जीडी) दर्ज की गई हैं और 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.’ उन्होंने शुक्रवार को ढाका में बताया कि देशभर में 32,000 से अधिक मंडप में दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है.

बांग्लादेश में शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से बेदखल होने के बाद से अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमले की कई घटनाएं सामने आ चुकी है. इन दौरान कई हिन्दु घरों और दुकानों पर हमले के अलावा मंदिरों तक में तोड़फोड़ की खबरें आईं. बांग्लादेश की 17 करोड़ की आबादी में महज आठ फीसदी हिंदू हैं. इन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाने के लिए बांग्लादेश की कामचलाऊ सरकार के प्रमुक मोहम्मद युनूस के रविवार को ढाकेश्वरी मंदिर जाने की खबर है. ढाका में स्थित यह सदियों पुराना मंदिर प्रमुख शक्ति पीठों में से एक है.

- Advertisement -

साभार : न्यूज़18

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।