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गायक दिलजीत दोसांझ के गानों को लेकर जारी हुई एडवाइजरी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

चंडीगढ़. पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ ‘दिल-लुमिनाती’ इंडिया टूर पर है. फैंस के अपनी आवाज से मदहोश कर देने वाले दिलजीत के इस लाइव कॉन्सर्ट में हजारों का संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. दिल्ली, जयपुर, हैदराबाद, लखनऊ, बैंगलोर में दोसांझ के कंसर्ट में लोगों को भारी भीड़ देखने को मिली. इसी कड़ी में अब पंजाबी सिंगर चंडीगढ़ में परफॉर्म करने वाले हैं. शो 14 दिसंबर को होने वाला है. लेकिन शो से पहले दिलजीत को एडवाइजरी जारी की गई है. दिलजीत दोसांझ का ‘दिल-लुमिनाती’ टूर काफी सुर्खियों में है. तेलंगाना सरकार ने दिलजीत दोसांझ को नोटिस जारी किया था और हिदायत दी कि वो अपने कॉन्सर्ट में शराब, हिंसा और ड्रग्स वाले गाने न गाएं. अब 14 दिसंबर को चंडीगढ़ में होने वाले शो से पहले भी सिंगर को एडवाइजरी जारी की गई है.

विवादों के बीच सेक्टर-34 में होगा शो

चंडीगढ़ में 14 दिसंबर को पंजाबी सिंगर व एक्टर दिलजीत दोसांझ का कंसर्ट होगा. सेक्टर-34 में दिलजीत दोसांझ का कंसर्ट विवादों के बीच आयोजित होगा. भारी विरोध और ट्रैफिक व्यवस्था पर उठ रहे सवालों तो देखते हुए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं.

सेक्टर-34 मेला ग्राउंड में आगे से नहीं होंगे बड़े इवेंट्स

डीसी निशांत कुमार यादव ने एसएसपी और ट्रैफिक एसएसपी के साथ बैठक कर क्राउड मैनेजमेंट और आयोजन स्थल के लेआउट पर चर्चा की. लेकिन सेक्टर-34 मेला ग्राउंड में भविष्य में ऐसे बड़े इवेंट्स की अनुमति नहीं देने की बात भी कही है.

सेक्टर-34 मेला ग्राउंड में आगे से नहीं होंगे बड़े इवेंट्स

डीसी निशांत कुमार यादव ने एसएसपी और ट्रैफिक एसएसपी के साथ बैठक कर क्राउड मैनेजमेंट और आयोजन स्थल के लेआउट पर चर्चा की. लेकिन सेक्टर-34 मेला ग्राउंड में भविष्य में ऐसे बड़े इवेंट्स की अनुमति नहीं देने की बात भी कही है.

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साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।